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जरुरी जानकारी | भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की समीक्षा कर रहा वाणिज्य मंत्रालय

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जरुरी जानकारी | भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की समीक्षा कर रहा वाणिज्य मंत्रालय

नयी दिल्ली, दो दिसंबर वाणिज्य मंत्रालय भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रहा है। इसमें अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार के दौरान और चुनाव परिणाम के बाद दिए गए बयानों के निहितार्थ पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

एक अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में कोई ऐसी बात नहीं है जिससे भारत के विरुद्ध भेदभावपूर्ण शुल्क लगाया जा सके।

ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान भारत को आयात शुल्क का ‘दुरुपयोग करने वाला’ कहा था। यह दावा उनके अक्टूबर, 2020 के बयान की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने भारत को ‘टैरिफ किंग’ करार दिया था।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने शनिवार को ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर का विकल्प तलाशने के किसी भी कदम के खिलाफ चेतावनी दी थी और नौ सदस्यीय समूह से प्रतिबद्धता मांगी थी। इस समूह में भारत, रूस, चीन और ब्राजील प्रमुख सदस्य हैं।

ऐसे बयानों को देखते हुए व्यापार संबंधों पर विचार-विमर्श करना आवश्यक है, क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

विशेषज्ञों ने बार-बार कहा है कि ट्रंप का यह दावा अनुचित है कि भारत आयात शुल्क का ‘दुरुपयोग’ करता है, क्योंकि अमेरिका सहित कई देश कुछ उत्पादों पर उच्च सीमा शुल्क लगाकर अपने घरेलू उद्योगों की रक्षा करते हैं।

डब्ल्यूटीओ के विश्व शुल्क ‘प्रोफाइल’-2023 के अनुसार, अमेरिका भी डेयरी उत्पादों (188 प्रतिशत), फलों और सब्जियों (132 प्रतिशत), कॉफी, चाय, कोको और मसालों (53 प्रतिशत), अनाज और खाद्य पदार्थ (193 प्रतिशत), तिलहन, वसा और तेल (164 प्रतिशत), पेय पदार्थ और तंबाकू (150 प्रतिशत), मछली और मछली उत्पाद (35 प्रतिशत), खनिज और धातु (187 प्रतिशत), और रसायन (56 प्रतिशत) जैसी वस्तुओं पर उच्च शुल्क लगाता है।

एक विशेषज्ञ ने कहा कि अगर अमेरिका अपने कुछ उत्पादों के लिए सीमा शुल्क में कटौती की मांग करता है, तो भारत को भी घरेलू वस्तुओं को अधिक बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए इसी तरह की कटौती की मांग करनी चाहिए।

वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष में भारत का निर्यात 77.51 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात कुल 42.2 अरब डॉलर रहा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ‘भारत के मित्र’ हैं तथा भारत-अमेरिका मित्रता आगे भी बढ़ती रहेगी।

अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बावजूद भारत के व्यापारिक संबंध और प्रगाढ़ होते रहेंगे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2024 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).