वर्कला (केरल), चार अगस्त केरल के प्रभावशाली शिवगिरी मठ ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभाध्यक्ष ए एन शमसीर द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणी से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके साथ ही मठ ने उनसे इस संबंध में बिना शर्त माफी मांगने का आग्रह किया।
शिवगिरी मठ एझावा समुदाय का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
मठ ने कहा कि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आग्रह करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन हालिया समारोह के दौरान विधानसभाध्यक्ष द्वारा भगवान गणेश और अनुष्ठानों के बारे में की गई टिप्पणियां मुद्दा हैं।
मठ का प्रबंधन करने वाले श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट के अध्यक्ष सच्चिदानंद स्वामी ने यहां कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले को सावधानी से निपटाना चाहिए था।
विधानसभाध्यक्ष शमसीर के खिलाफ नायर समुदाय के संगठन - नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) द्वारा आयोजित हालिया विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि उन लोगों को कोई भी दोष नहीं दे सकता क्योंकि टिप्पणियों से उनके मन को ठेस लगी होगी।
स्वामी ने कहा कि विधानसभाध्यक्ष ने जानबूझकर विवादास्पद टिप्पणी नहीं की होगी, लेकिन उन्हें श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए थी।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "अगर इससे समुदाय को ठेस पहुंची है, तो शमसीर को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यह हमारे सामाजिक जीवन का हिस्सा है।"
हाल ही में एर्णाकुलम जिले के एक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, शमसीर ने कथित तौर पर केंद्र पर बच्चों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उपलब्धियों के बजाय हिंदू मिथक सिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) जैसे दक्षिणपंथी संगठनों ने यह कहते हुए शमसीर के खिलाफ पहले ही एक अभियान शुरू कर दिया है कि वे भगवान गणेश और पौराणिक 'पुष्पक विमानम' के बारे में विधानसभाध्यक्ष की टिप्पणी से व्यथित हैं।
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