नयी दिल्ली, 29 जून कोल इंडिया ने कहा है कि उसने खदानों पर परिवहन सुविधा बेहतर करने के तहत अंतिम छोड़ तक संपर्क सुविधा पहल के तहत 14 अतिरिक्त परियोजनाओं की पहचान की है, जिसके लिए 3,400 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की खदानों के आसपास से कोयला उस स्थल तक सड़क मार्ग से पहुंचाने के बजाए ‘कनवेयर बेल्ट’ जैसी यंत्रीकृत प्रणाली के उपयोग की योजना है जहां से उसे आगे भेजा जाना है। इससे परिवहन में लगने वाला समय कम होगा। कंपनी ने पहले चरण के तहत 35 परियोजनाओं की घोषणा की थी जिसमें से दो परिचालन में आ गयी हैं।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘कोल इंडिया की चार कोयला कंपनियों ने संयुक्त रूप से इन परियोजनाओं में करीब 3,400 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इन परियोजनाओं कुल सालाना क्षमता 10.05 करोड़ टन है।
दूसरे चरण के तहत कुल 14 परियोजनाओं में से सेंट्रल कोलफील्ड्स लि. 6.25 करोड़ टन सालाना क्षमता की पांच परियोजनाओं पर काम करेगी।
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बयान के अनुसार महानदी कोलफील्ड्स के पास 2 करोड़ टन सालाना क्षमता की परियोजना है। वहीं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. की सात और साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. की एक परियोजना है जिसकी क्षमता क्रमश: 1.4 करोड़ टन सालाना और 40 लाख टन सालाना है।
इन परियोजनाओं के लिये निविदा इस साल अगस्त में जारी की जाएगी।
कोल इंडिया का मकसद खदानों के आसपास से कोयला उस स्थल तक सड़क मार्ग से पहुंचाने के बजाए ‘कनवेयर बेल्ट’ जैसी यंत्रीकृत प्रणाली स्थापित करना है, जहां से उसे आगे भेजा जाना है। इससे परिवहन में लगने वाला समय कम होगा और ढके होने से धूल के उड़ने से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा।
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