देश की खबरें | कोचिंग सेंटर में मौतें: विभिन्न निकायों के अधिकारियों के खिलाफ जांच जारी, सीबीआई ने अदालत को बताया

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में जुलाई में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन विद्यार्थियों की मौत के मामले में एमसीडी, डीजेबी और अग्निशमन विभाग सहित विभिन्न निकायों के अधिकारियों के खिलाफ उसकी जांच जारी है।

जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि अब तक की गई जांच के आधार पर 26 सितंबर को निचली अदालत में छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया है।

सीबीआई ने मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष दलील दी कि एसयूवी के मालिक मनुज कथूरिया की भूमिका को अपराध नहीं माना जा सकता है।

कथूरिया को इस आरोप के आधार पर गिरफ्तार किया गया था कि वह बारिश के दौरान कोचिंग की निकटवर्ती सड़क पर कार चला रहे थे, जिसके कारण कोचिंग के बेसमेंट में पानी घुस गया था।

अदालत ने सीबीआई से इस मामले की जांच की नयी वस्तु स्थिति रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर दाखिल करने को कहा।

सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील राजेश कुमार ने कहा कि वस्तु स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है, क्योंकि इस स्तर पर कुछ तथ्यों का खुलासा करने से जांच में बाधा आएगी।

सीबीआई के वकील ने कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), अग्निशमन विभाग और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों सहित विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ आगे की जांच जारी है और सीबीआई ने तलाशी और जब्ती की है तथा उन दस्तावेजों की जांच की जा रही है।’’

उन्होंने कहा कि जिन छह आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है, वे पहले से ही अंतरिम जमानत पर हैं।

एजेंसी ने कहा कि अदालत के दो अगस्त के आदेश के अनुपालन में उसने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को तीन रिपोर्ट सौंपी हैं।

अदालत ने पहले सीवीसी से कहा था कि वह समयबद्ध तरीके से आपराधिक मामले में सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित करे।

अदालत ने सोमवार को एमसीडी आयुक्त को पिछले आदेश के अनुरूप वस्तु स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि मुख्य सचिव ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। उन्होंने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय देने का अदालत से आग्रह किया, क्योंकि इसके लिए संबंधित मंत्री की मंजूरी की आवश्यकता है।

हालांकि, पीठ ने कहा कि अदालत ने मुख्य सचिव को समिति का प्रमुख नियुक्त किया है और रिपोर्ट सीधे अदालत को सौंपनी है तथा इसके लिए किसी की सहमति की आवश्यकता नहीं है।

इसने मुख्य सचिव को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए छह नवंबर की तारीख निर्धारित की।

उच्च न्यायालय ने दो अगस्त को इस घटना की जांच दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनता को जांच पर कोई संदेह न हो।

इसने एसयूवी चालक को गिरफ्तार करने और घटना के लिए उसे दोषी ठहराने के लिए पुलिस की आलोचना भी की थी।

मृत विद्यार्थियों में उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन (24) शामिल थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)