दुबई, 11 दिसंबर दुबई में जलवायु वार्ता के अंतिम चरण में वार्ताकारों ने सोमवार को वैश्विक परिदृश्य पर नवीनतम मसौदा जारी किया, जिसमें विशेष रूप से ‘‘जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से हटाने’’ का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
इस मासैदे को सीओपी28 का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
मसौदे में हालांकि सुझाव दिया गया है कि देश संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलनों के इतिहास में पहली बार ‘‘जीवाश्म ईंधन के उत्पादन और खपत’’ को कम करने पर सहमत हो सकते हैं।
कई देशों और यूरोपीय संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि ‘‘सभी जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने’’ का समझौता सीओपी28 की सफलता का संकेत होगा।
‘सीओपी28 प्रेसीडेंसी’ ने एक बयान में कहा, ‘‘सीओपी28 प्रेसीडेंसी शुरू से ही हमारी महत्वाकांक्षाओं के बारे में स्पष्ट रही है और यह बयान उन महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। अब, यह पक्षकारों के हाथों में है, जिन पर हम भरोसा करते हैं कि वे मानवता और ग्रह के लिए सबसे बेहतर काम करेंगे।’’
भाशा शफीक देवेंद्र
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