जरुरी जानकारी | स्वच्छ ऊर्जा मौजूदा आर्थिक नरमी के समय पुनरूद्धार में दे सकती है मदद: कांत

मुंबई, 17 जुलाई नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा कि स्वच्छ ऊर्जा में भारतीय अर्थव्यवस्था को मौजूदा नरमी से बाहर निकालने और मजबूती प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में दीर्घकालीन अवसर का उपयोग करने को कहा।

‘काउंसिल ऑन एनर्जी एनवायरनमेंट एंड वाटर’ (सीईईडब्ल्सू) द्वारा आयोजित वेबिनार (इंटरनेट पर आयोजित कार्यक्रम) में कांत ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों दोनों के लिये एक आकर्षक और दीर्घकालीन बाजार की पेशकश करता है।

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उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में पूंजी प्रवाह समय की जरूरत है। कोविड-19 के बाद सतत अर्थव्यवस्था के लिये व्यापक स्तर पर बदलाव की जरूरत है।

कांत ने कहा कि नकदी बढ़ाने के उपायों और ऊर्जा क्षेत्र में साहसिक सुधारों की घोषणा के साथ घरेलू बांड बाजार एक अवसर की पेशकश करता है जिसका उपयोग ऊर्जा रूपांतरण के लिये वित्त पोषण करने में किया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूंजी बाजार निवेशकों को स्वच्छ ऊर्जा में निवेश के लिये निश्चित रूप से प्रोत्साहित करना चाहिए।’’

कांत ने कहा कि हरित वृद्धि देश के लिये मौजूदा नरमी से आर्थिक पुनरूद्धार का रास्ता खोल सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही 24 घंटे पर्याप्त, भरोसेमंद बिजली के साथ जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता कम कर स्वच्छ ऊर्जा के रूपांतरण का लक्ष्य रखा हुआ है।

नीति आयोग के सीईओ ने कहा, ‘‘वैश्विक ऊर्जा रूपांतरण के लिये बाजार को व्यापक बनाने की जरूरत है...इसीलिए विकासशील देशों में पूंजी प्रवाह समय की जरूरत है।’’

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