यह 2017 के बाद से वियतनाम की उनकी पहली यात्रा होगी।
वियतनाम के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान शी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव गुयेन फु ट्रोंग, राष्ट्रपति वो वान थुओंग और प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह से मुलाकात करेंगे।
सिंगापुर में आईएसईएएस-यूसोफ इशाक इंस्टीट्यूट में कार्यरत गुयेन खाक गियांग ने कहा, ‘‘यह पश्चिम के साथ हनोई के बढ़ते संबंधों पर बीजिंग की चिंताओं को दर्शाता है। उसे चिंता है कि वियतनाम चीन विरोधी गठबंधन में शामिल हो सकता है।’’
दक्षिण पूर्व एशिया में सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिहाज से वियतनाम की रणनीतिक भूमिका बढ़ती जा रही है।
वियतनाम वैचारिक रूप से चीन के करीब है। इस पर चीन से मजबूत संबंध रखने वाली कम्युनिस्ट पार्टी का शासन है लेकिन हाल के महीनों में वियतनाम ने पश्चिमी देशों के साथ निकट संबंधों का संकेत दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका को चीन के समान राजनयिक दर्जा दिए जाने को चिह्नित करने के लिए सितंबर में वियतनाम का दौरा किया था। इसके अलावा जापान और वियतनाम ने ‘‘स्वतंत्र और मुक्त हिंद प्रशांत’’ का जिक्र करते हुए नवंबर में अपने आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत किया तथा जापान को भी चीन और अमेरिका के समान राजनयिक दर्जा दिया गया। जापान वियतनाम के साथ तेजी से घनिष्ठ संबंध विकसित कर रहा है और वह इसका तीसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
वियतनाम उन कई देशों में शामिल है जिनका दक्षिण चीन सागर पर दावों को लेकर चीन के साथ विवाद है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY