विदेश की खबरें | चीन : चिनफिंग ने देशों से एआई की चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होने की अपील की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

चिनफिंग की यह टिप्पणी चीन द्वारा इंटनरेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कड़ाई से नियंत्रित करने के बीच आई है।

इसके साथ ही, चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के निरंकुश एजेंडे के प्रचार करने के लिए इंटरनेट के आर्थिक लाभों और सोशल मीडिया का अधिकतम इस्तेमाल किया।

चीन के पूर्वी शहर वुझेप में आयोजित विश्व इंटरनेट शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में चिनफिंग के पूर्व रिकॉर्ड किए भाषण को प्रसारित किया गया।

चिनफिंग ने विवाद के बजाय साइबर जगत में समान सुरक्षा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चीन एआई के विकास से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने के लिए अन्य देशों के साथ काम करेगा एवं ‘साइबर जगत में आधिपत्य’ को लेकर आपत्ति जताई।

चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश ‘‘एआई के सुरक्षित विकास को प्रोत्साहित’’ करने के लिए तैयार है।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के निदेशक ली शुलेई ने चिनफिंग द्वारा सम्मेलन में की गई टिप्पणी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चीन अन्य देशों के साथ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी की सुरक्षा, विश्वसनीयता, नियंत्रणीयता और निष्पक्षता में सुधार के लिए’ मिलकर काम करेगा।

इस सम्मेलन की शुरुआत 2014 में चीन की सरकार ने की और इसका मकसद इंटनेट विकास पर चर्चा करना है। चीन ने अधिकतर विदेशी समाचार और सोशल मीडिया वेबसाइट को बाधित कर दिया है लेकिन सम्मेलन के दौरान उसने वुझेन के आसपास इन पाबंदियों में ढील दी है।

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