मा जियाओलिन चीन की एक अग्रणी माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर समसामयिक विषयों पर लिखा करते थे और उनके 20 लाख फॉलोअर हैं। लेकिन, हाल में उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि वेइबो साइट ने उनसे राजनीति, आर्थिक और सैन्य मुद्दों से जुड़े विषयों पर नहीं लिखने को कहा है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रोफेसर जियाओलिन ने 31 जनवरी को लिखा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार और स्तंभकार होने के बावजूद अब मैं केवल मनोरंजन, भोजन और पेय पदार्थ पर ही अपने विचार व्यक्त कर सकता हूं।’’
राजनीतिक और सैन्य मामलों पर लिखने के लिए 2017 से ही पूर्व अनुमति को जरूरी बनाया गया था लेकिन इसे व्यापक स्तर पर लागू नहीं किया गया। नए नियमों में स्वास्थ्य, आर्थिक, शिक्षा और न्यायिक मुद्दों को भी शामिल किया गया है।
ताइवान में नेशनल सानयात सेन यूनिवर्सिटी में चीनी सोशल मीडिया नीति के विशेषज्ञ टाइटस चेन ने कहा, ‘‘नियामक सूचना उत्पादन के समूचे तंत्र पर कब्जा करना चाहता है।’’
नए नियम के बाद कोई भी ब्लॉगर मूल विषयवस्तु का प्रकाशन नहीं कर सकता लेकिन आधिकारिक मीडिया द्वारा जारी खबरों पर टिप्पणी करने की अनुमति होगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बिना सत्यापन के लेख प्रकाशित करने पर ब्लॉगर को कितनी सजा दी जाएगी।
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