अमेरिकी दूतावास की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि 193 सदस्यीय वैश्विक संगठन का निर्माण ‘‘हर किसी की’’ सेवा के लिए किया गया था जिसमें ‘‘विभिन्न विचारों और पहलुओं का स्वागत है’’ और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना है।
इसने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र में ताईवान का आना न केवल ताईवान के लोगों के लिए गौरव का क्षण है बल्कि संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुरूप है।’’
इसे अमेरिका के राजदूत केली क्राफ्ट ने ट्वीट किया।
कोरोना वायरस महामारी को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा चीन की आलोचना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने ताईवान का मुद्दा उठाया है।
चीन ताईवान पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है और अपने राजनयिक प्रभुत्व के मार्फत इस द्वीपीय राष्ट्र को किसी भी संगठन में शामिल होने से रोकता है जहां सदस्यता राष्ट्रों को मिलती है।
संयुक्त राष्ट्र मिशन में चीन के प्रवक्ता ने अमेरिकी दूतावास के ट्वीट को महासभा के प्रस्ताव का ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ करार दिया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह चीन के अंदरूनी मामलों में गंभीर हस्तक्षेप है और इससे 1.4 अरब के चीन के नागरिक आहत हुए हैं। दुनिया में केवल एक चीन है।’’
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