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कोविड-19 से पीड़ित बच्चे अस्पताल के पृथक वार्ड में खिलौनों, कार्टून के जरिए खुद को व्यस्त रख रहे

जालंधर सिविल अस्पताल में, कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाई गई दो बहनों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें खिलौने और कैरम बोर्ड दिया गया है जबकि चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में वायरस से संक्रमित बच्चों को टीवी पर कार्टून दिखाकर या ड्राइंग सत्र चला कर व्यस्त रखा जा रहा है।

कोविड-19 से पीड़ित बच्चे अस्पताल के पृथक वार्ड में खिलौनों, कार्टून के जरिए खुद को व्यस्त रख रहे
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चंडीगढ़, 28 अप्रैल कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चे अस्पताल के पृथक वार्ड और पीपीई पहने डॉक्टरों के साथ खुद को सहज कर पाने में जहां बेचैनी से गुजर रहे हैं वहीं पंजाब और चंडीगढ़ के स्वास्थ्य अधिकारी उन्हें खिलौनों, बोर्ड गेम और नियमित काउंसलिंग की मदद से व्यस्त रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

जालंधर सिविल अस्पताल में, कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाई गई दो बहनों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें खिलौने और कैरम बोर्ड दिया गया है जबकि चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में वायरस से संक्रमित बच्चों को टीवी पर कार्टून दिखाकर या ड्राइंग सत्र चला कर व्यस्त रखा जा रहा है।

पृथक वार्ड में बच्चों को व्यस्त रखना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।

जालंधर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी कश्मीरी लाल ने कहा, “ हमने उन्हें सहज महसूस कराने के लिए खेलने को कैरम बोर्ड और लूडो दिया है।”

उन्होंने बताया कि वार्ड में टेलीविजन भी लगाया गया है।

लाल ने बताया कि छह और सात साल की दो बहनें अपने दादा के बीमारी की चपेट में आने के बाद जांच में संक्रमित पाई गई।

उन्होंने कहा, “हमारे मनोचिकित्सक नियमित तौर पर उनकी काउंसलिंग करते हैं ताकि वे सहज रहें।”

मनोचिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को अस्पताल में रखने के लिए उनके माता-पिता को रजामंद करना सबसे बड़ी चुनौती है।

पीजीआईएमईआर के मनोचिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक स्वपनजीत साहू ने कहा, “उन्हें बच्चों को यहां लाने के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती है क्योंकि वे आने के लिए तैयार नहीं होते।”

उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने और पृथक वार्ड में भर्ती कराए जाने के बाद वे अक्सर डर जाते हैं क्योंकि उन्होंने ऐसा माहौल कभी नहीं देखा था।

साहू ने बताया कि बच्चे डॉक्टरों को पीपीई किट में देखकर रोने लगते हैं।

उन्होंने पीटीआई- से कहा, “हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर उनकी काउंसलिंग करते हैं ताकि उनकी बेचैनी कम हो।”

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).