देश की खबरें | सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने लद्दाख का दौरा कर पांच सैनिकों को दिए प्रशस्ति पत्र
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नयी दिल्ली, 24 जून सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में विभिन्न अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और हाल ही में चीनी सेना के साथ उत्पन्न गतिरोध की स्थिति में साहस और असाधारण धैर्य का परिचय देने के लिए कई सैनिकों को ‘प्रशस्ति पत्र’ प्रदान किए।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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अपने लद्दाख दौरे के दूसरे दिन जनरल नरवणे ने चार अग्रिम क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और वहां तैनात सैनिकों से बातचीत की।
इसके अलावा उन्होंने वहां मौजूद सैन्य कमांडरों के साथ विस्तार से चर्चा की।
गलवान घाटी में 15 जून को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और लगभग 76 अन्य घायल हो गए थे।
इस झड़प में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कितने सैनिक हताहत हुए, इसके बारे में चीन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।
क्षेत्र में सेना प्रमुख का दौरा ऐसे समय हुआ है जब चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पेंगोंग सो, गलवान घाटी और गोगरा गर्म पानी के सोते जैसे क्षेत्रों में हथियार और सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है।
सूत्रों ने कहा कि जनरल नरवणे ने चीनी सैनिकों से बहादुरी से लोहा लेने के लिए पांच सैन्य कर्मियों को ‘प्रशस्ति पत्र’ प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने मंगलवार और बुधवार को उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14वीं कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति का संपूर्ण जायजा लिया।
सेना ने ट्वीट किया, “सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और वस्तुस्थिति की समीक्षा की। सेना प्रमुख ने सैनिकों के मनोबल के लिए उनकी प्रशंसा की और उत्साह से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।”
लेह पहुंचने के बाद जनरल नरवणे ने तत्काल सेना अस्पताल का दौरा किया जहां गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के दौरान घायल हुए 18 सैनिकों का इलाज किया जा रहा है।
जनरल नरवणे द्वारा प्रदान किए गए “प्रशस्ति पत्रों” के बारे में पूछे जाने पर सेना के एक सूत्र ने कहा, “सेना प्रमुख जब भी सैन्य इकाइयों के दौरे पर जाते हैं तब ड्यूटी के दौरान असाधारण प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को वहीं प्रशस्ति पत्र देने का नियम है।”
सूत्र ने बताया, “हालिया मामले में भी कर्मियों को ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए पुरस्कृत किया गया।”
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास के क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा लेह स्थित सेना की 14वीं कोर संभालती है।
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