मुख्यमंत्री, अधिकारियों के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय: राजस्थान पुलिस
मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो लगाकर विशेषकर सरकारी कर्मचारियों को ठगने का प्रयास करने वाला एक गिरोह सक्रिय है. पुलिस ने यह जानकारी दी.राज्य पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई और शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इसके पीछे तेलंगाना का कोई गिरोह शामिल है.
जयपुर, 29 जुलाई : मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की फोटो लगाकर विशेषकर सरकारी कर्मचारियों को ठगने का प्रयास करने वाला एक गिरोह सक्रिय है. पुलिस ने यह जानकारी दी.राज्य पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई और शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इसके पीछे तेलंगाना का कोई गिरोह शामिल है. पुलिस ने बताया कि यह गिरोह राज्य में तैनात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की फोटो व्हाट्सऐप की डीपी में लगाकर अधीनस्थ कर्मचारियों को ठगने का प्रयास कर चुका है. अधिकारियों ने बताया कि इसका ताजा मामला बाड़मेर का है, जहां एक अज्ञात ठग ने बाड़मेर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओ. पी. विश्नोई को एक ऐसे मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप कॉल किया जिसकी डीपी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तस्वीर थी. अधिकारी ने कॉल का जवाब नहीं दिया. इसके बाद आरोपी ने एक संदेश भेजकर 30 वस्तुओं की ऑनलाइन खरीद के बदले तीन लाख रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा.
बिश्नोई ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी का प्रयास था इसलिए मैंने इसका कोई जवाब नहीं दिया. चूंकि मुख्यमंत्री के नाम और डीपी का दुरुपयोग किया जा रहा था, इसलिए मैंने इसके बारे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सूचित किया.’’ हालांकि, उन्होंने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राज्य के मंत्रियों और आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों की फोटो व्हाट्सऐप डीपी में लगातार अधीनस्थ कर्मचारियों को ठगने का प्रयास हो चुका है. अप्रैल माह में एक युवक ने तिजारा (अलवर) के विधायक संदीप यादव से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया. प्रोफाइल में गहलोत एक फोटो लगी थी. संक्षिप्त बातचीत के बाद आरोपी ने विधायक से गूगल पे के माध्यम से 30,000 रुपये जमा करने के लिए कहा. पुलिस ने इस मामले में 28 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया. इसी सप्ताह, राज्य के पुलिस महानिदेशक एम. एल. लाठर के नाम से लोगों को फर्जी संदेश भेजने का मामला सामने आया था. राज्य पुलिस ने दो मोबाइल नंबर साझा करते हुए लोगों से सतर्क रहने और ऐसे किसी भी संदेश पर ध्यान नहीं देने तथा इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा.
इसी तरीके से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम. एन. के नाम पर ठगी करने का प्रयास किया गया. ठग ने अपने व्हाट्सऐप नंबर में उनकी फोटो लगाकर विभाग के अधिकारियों को संदेश भेजे और खुद को बैठक में व्यस्त बताकर अधिकारियों से धनराशि, गिफ़्ट वाउचर मांगे. मामला संज्ञान में आने के बाद दिनेश एम. एन. ने लोगों को इस बारे में आगाह किया.
वहीं, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन मामलों की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है और ऐसा लगता है कि तेलंगाना का ठग गिरोह इसमें शामिल है. अधिकारी ने कहा, ‘‘जयपुर में हाल में धोखाधड़ी के प्रयासों को देखते हुए, आरोपियों की पहचान के लिए एक टीम का गठन किया गया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऐसे मामलों के पीछे तेलंगाना से एक गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2022 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

