देश

8th Pay Commission: अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा करेगा 8वां वेतन आयोग, जानिए कब और कहां होंगी बैठकें

पिछले वेतन आयोगों के अनुभव के आधार पर, अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार की समीक्षा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और विभिन्न विभागों में लागू होने की प्रक्रिया में करीब 2 से 3 साल का समय लग सकता है. ऐसे में यदि आयोग 2027 में अपनी सिफारिशें देता है, तो उनका पूर्ण वित्तीय प्रभाव 2029 से 2030 के बीच देखने को मिल सकता है.

8th Pay Commission: अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा करेगा 8वां वेतन आयोग, जानिए कब और कहां होंगी बैठकें

8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने अक्टूबर 2026 के लिए देशभर में हितधारकों (Stakeholders) से परामर्श बैठकों का नया कार्यक्रम जारी किया है. आयोग अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा करेगा, जहां केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी. आयोग का उद्देश्य 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुझाव जुटाना है. आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंप सकता है. 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर मुंबई में 22-23 अक्टूबर को बैठक, अपडेट और सिफारिशों पर होगी चर्चा

अक्टूबर में कहां और कब होंगी बैठकें?

आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अक्टूबर 2026 में दो प्रमुख शहरों में परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी.

बेंगलुरु (7-8 अक्टूबर 2026): आयोग बुधवार और गुरुवार को कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशनों और क्षेत्रीय हितधारकों के साथ बैठक करेगा.

मुंबई (22-23 अक्टूबर 2026): मुंबई में आयोग दो दिनों तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा. इस बैठक में शामिल होने के लिए अपॉइंटमेंट मांगने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है.

मुंबई दौरे में सेंट्रल रेलवे का भी होगा निरीक्षण

मुंबई दौरे के दौरान आयोग सेंट्रल रेलवे (Central Railway) के तहत आने वाली सुविधाओं का निरीक्षण भी करेगा. रेलवे मंत्रालय की ओर से पहले जारी जानकारी के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को करीब से समझना और उनकी चुनौतियों का प्रत्यक्ष आकलन करना है.

किन-किन मुद्दों पर हो रही है समीक्षा?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग में पूर्व IAS अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव और आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य के रूप में शामिल हैं.

आयोग अपने कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) के तहत कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा कर रहा है, जिनमें शामिल हैं.

बेसिक पे मैट्रिक्स और वेतनमान का पुनर्गठन.

महंगाई भत्ता (DA), महंगाई राहत (DR) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) समेत विभिन्न भत्तों की समीक्षा.

प्रमोशन नीति, वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) और गैर-आर्थिक सुविधाओं का मूल्यांकन.

आयोग ने 15 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव मांगे थे, जबकि सरकारी विभागों से आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली गई. इसके बाद अगस्त के अंत में विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति की गई.

कब लागू हो सकती हैं सिफारिशें?

आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपी जा सकती है. हालांकि, अंतरिम सिफारिशें फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच भी सामने आ सकती हैं.

पिछले वेतन आयोगों के अनुभव के आधार पर, अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार की समीक्षा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और विभिन्न विभागों में लागू होने की प्रक्रिया में करीब 2 से 3 साल का समय लग सकता है. ऐसे में यदि आयोग 2027 में अपनी सिफारिशें देता है, तो उनका पूर्ण वित्तीय प्रभाव 2029 से 2030 के बीच देखने को मिल सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2026 08:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).