नयी दिल्ली, 30 मई राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस में उभरे असंतोष के बीच सोमवार को पार्टी के प्रत्याशियों पी चिदंबरम, जयराम रमेश, विवेक तन्खा और इमरान प्रतापगढ़ी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल खड़े करने में सबसे मुखर आवाज अभिनेत्री और महिला कांग्रेस की महासचिव नगमा मोरारजी की सामने आई है। उन्होंने मुख्य रूप से इमरान प्रतापगढ़ी की उम्मीदवारी पर सवाल खड़े किए और दावा किया कि उनसे उच्च सदन में भेजे जाने का वादा 18 साल पहले किया गया था, लेकिन यह आज तक पूरा नहीं हुआ।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम और कुछ अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के चयन के संदर्भ में दबी जुबान या फिर खुलकर अपनी नाखुशी जाहिर की।
उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी में उभरे इस असंतोष के बीच, चिदंबरम ने तमिलनाडु, रमेश और मंसूर अली खान ने कर्नाटक, तन्खा ने मध्य प्रदेश और प्रतापगढ़ी ने महाराष्ट्र से अपना नामांकन पत्र भरा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने नामांकन पत्र भरने के बाद उम्मीदवारों के चयन पर अपनी पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
तमिलनाडु से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और वाम दलों सहित द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)-कांग्रेस गठबंधन के अन्य सहयोगियों को धन्यवाद दिया। चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने सभी के समर्थन से नामांकन पत्र दाखिल किया है।
कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए 10 जून को होने वाले चुनाव के वास्ते रविवार को 10 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। पी चिदंबरम को तमिलनाडु से, जयराम रमेश को कर्नाटक से, अजय माकन को हरियाणा से और रणदीप सुरजेवाला को राजस्थान से उम्मीदवार बनाया गया है।
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