दुर्ग, 10 मार्च छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने केंद्रीय एजेंसी के कर्मियों के वाहनों पर कथित तौर पर पथराव किया और कार्रवाई के बाद परिसर से बाहर निकलते समय उन्हें बाधित करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने कहा, ''हमें ईडी अधिकारियों से मौखिक शिकायत मिली है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों को रोकने की कोशिश की और पत्थर फेंके, जिससे एक वाहन की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।''
उन्होंने कहा कि घटना को लेकर मामला दर्ज किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी ने कथित शराब घोटाले मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच के तहत सोमवार सुबह भिलाई शहर के पदुम नगर में बघेल के परिसरों पर छापेमारी की।
सूत्रों ने बताया कि चैतन्य के कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल और कुछ अन्य के परिसरों की भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली गई। चैतन्य बघेल अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं और इसलिए परिसर की तलाशी ली गई।
उन्होंने बताया कि उन (चैतन्य बघेल) पर शराब घोटाले से हुई आय का "प्राप्तकर्ता" होने का संदेह है।
बघेल के निवास में छापेमारी की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बघेल के आवास के बाहर एकत्र हो गए तथा विरोध प्रदर्शन किया।
सूत्रों ने बताया कि जब ईडी के अधिकारी सुरक्षाकर्मियों के साथ दो कारों में वहां से निकल रहे थे, तब भीड़ ने वाहनों को घेर लिया और बोनट पर चढ़ गए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने वाहनों पर पथराव भी किया, जिसके कारण पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हुई।
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