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Chhattisgarh Electricity Rates: छत्तीसगढ़ में बढ़ीं बिजली की दरें, कांग्रेस ने की सत्ताधारी भाजपा की आलोचना

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने शनिवार को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

Chhattisgarh Electricity Rates: छत्तीसगढ़ में बढ़ीं बिजली की दरें, कांग्रेस ने की सत्ताधारी भाजपा की आलोचना
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रायपुर, एक जून छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने शनिवार को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. नई दरें एक जून से प्रभावी हो गई हैं। सीएसईआरसी ने पिछले साल बिजली दरों में संशोधन नहीं किया था. सीएसईआरसी के सचिव एसपी शुक्ला ने बताया कि सभी उपभोक्ता श्रेणियों में पिछली दरों की तुलना में बिजली दरों में औसतन 8.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के लिए तीन सरकारी कंपनियों द्वारा बिजली सेवाओं का प्रबंधन किया जाता है. शुक्ला ने बताया कि राज्य सरकार ने वितरण कंपनी के सकल राजस्व घाटे को कम करने के लिए 2024-25 के लिए एक हजार करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति करने का फैसला किया है. नतीजतन, वितरण कंपनी को 2024-25 के लिए मौजूदा दर पर 1819 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अनुमान है. यह भी पढ़ें: गुजरात के बहुचराजी में स्क्रैप गोदाम में लगी भीषण आग, उठे काले धुएं के फव्वारे, देखें वीडियो

आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली खपत की सभी श्रेणियों में 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की गई है. कृषि पंप कनेक्शन के लिए टैरिफ में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शन के लिए ऊर्जा शुल्क पर 20 प्रतिशत की रियायत जारी रहेगी.

एलवी-पांच और एचवी-पांच श्रेणियों के तहत पोहा और मुरमुरा मिलों के लिए ऊर्जा शुल्क पर पांच प्रतिशत की छूट लागू रहेगी. उच्च वोल्टेज स्टील उद्योगों की बिजली दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

बयान में कहा गया है कि राज्य में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इकाइयों के लिए टैरिफ 6.92 रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। ग्रामीण और आदिवासी बहुल सरगुजा (उत्तर छत्तीसगढ़) और बस्तर (दक्षिण छत्तीसगढ़) क्षेत्रों में अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए पांच प्रतिशत की छूट जारी रहेगी.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक अप्रैल, 2019 के बाद मोबाइल टावरों की स्थापना पर ऊर्जा शुल्क पर दी जा रही 50 प्रतिशत छूट को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है.

पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा संचालित औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को ऊर्जा शुल्क पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी. रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए ऊर्जा शुल्क पर 15 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी. राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई ‘बिजली बिल हाफ’ योजना में आधी छूट का लाभ मिलता है.

बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए सत्ताधारी दल भाजपा की आलोचना करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत के दामों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दिया है, यह अनुचित है.

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ का आम आदमी परेशान हो गया है. साय सरकार नागरिकों को हर तरफ से परेशान करने की नीयत से काम कर रही है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2024 09:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).