देश की खबरें | छत्तीसगढ़ : संदिग्ध परिस्थिति में आरक्षक की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

जांजगीर-चांपा, 14 मई छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में एक पुलिस आरक्षक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। घटना के बाद आरक्षक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।

जांजगीर-चांपा जिले के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि जिले के शक्ति पुलिस थाने में पदस्थ आरक्षक पुष्पराज सिंह (32 वर्ष) की बृहस्पतिवार को जांजगीर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान गले में बिजली तार के फंसने से मौत हो गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि बृहस्पतिवार को पुष्पराज सिंह अपने मित्र गौरीशंकर की स्कूटी में सवार होकर कहीं जा रहा था। जब वह एक शराब दुकान के करीब से गुजर रहा था तब दुर्घटना हो गया। इस दौरान आरक्षक का गला सड़क किनारे बिजली के तार से फंस गया।

उन्होंने बताया कि जब शराब दुकान के चौकीदार ने आरक्षक को देखा तब उसने उसके गले में लिपटे हुए बिजली तार को निकालने की कोशिश की और इस दौरान 112 नंबर में डायल कर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पुलिस दल पहुंचा और आरक्षक को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने बताया कि मृत आरक्षक का पोस्टमार्टम कराया गया है। शार्ट पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में उसकी मृत्यु का कारण कार्डियोरिसपाइरेट्री अरेस्ट (श्वासनली के दबने से फेफड़ों में आक्सीजन की कमी से हृदयगति रुकने से मौत) बताया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करवाई गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अनुरोध के बाद घटना की दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं।

मुंगेली जिले के निवासी आरक्षक पुष्पराज सिंह सोशल मीडिया में पुलिस अधिकारियों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवादों में रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि उसे रिश्वत लेने, लंबे समय तक कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने तथा अन्य कारणों से तीन बार नौकरी से बर्खास्त किया गया था। लेकिन उसे वापस सेवा में ले लिया गया था। वहीं उसे छह बार निलंबित भी किया गया था।

पुष्पराज सिंह पिछले वर्ष चर्चा में तब आया जब उसने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने एक वर्ष का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किया था। इस दौरान उसे राज्य के गृह मंत्री की सराहना भी मिली थी।

इधर घटना के बाद पुष्पराज सिंह के पिता सीताराम सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने अपने विभाग के भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश की इसलिए उसकी हत्या कर दी गई।

सीताराम सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटी की हत्या हुई है लेकिन पुलिस उसे दुर्घटना बताने की कोशिश कर रही है।

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