कोलकाता, 27 अगस्त चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के उपलक्ष्य में पूरे देश में जश्न का सिलसिला जारी रहने के बीच शहर की एक दुर्गा पूजा समिति ने फैसला किया है कि उसके पंडाल का डिजाइन लैंडर विक्रम पर आधारित होगा, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त को उतरा था।
एक अन्य पूजा समिति अपने पंडाल का विषय रैगिंग की बुराइयों को बनाएगी और इस तरह की दादागीरी के प्रति ‘बिल्कुल बर्दाश्त न करने’ का संदेश देगी।
उत्तरी कोलकाता के सीताराम घोष स्ट्रीट में पल्लीर जुबक बृंदा क्लब ने विक्रम की एक विशाल आकार की अनुकृति बनाने पर काम शुरू कर दिया है, जो इसके पंडाल के रूप में काम करेगा।
पूजा समिति के प्रवक्ता ने रविवार को कहा, ‘‘पूजा आने दीजिए, आगंतुक देखेंगे कि मां दुर्गा लैंडर विक्रम मॉडल पर बैठी हैं, जो चंद्रमा की सतह से समानता दर्शाते हुए जमीन पर स्थित होगा।’’
उन्होंने कहा कि आयोजक चंद्रयान अभियान से जुड़े इसरो के एक वैज्ञानिक के पिता से पूजा का शुभारंभ कराएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह इसरो के प्रति हमारा अभार होगा।’’
दक्षिण कोलकाता स्थित नाकतला उद्यान संघ अपने पंडाल का विषय रैगिंग की बुराइयों और समाज से इस खतरे को खत्म करने के उपाय पर आधारित होगा।
पूजा समिति के सदस्य अंजन समद्दार ने कहा, ‘‘यादवपुर विश्वविद्यालय के एक छात्र की कथित तौर पर रैगिंग और वरिष्ठों द्वारा दैहिक शोषण के कारण हुई मौत ने हम सबको हिला दिया है। हमारा पूजा पंडाल शैक्षिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की रैगिंग और दादागीरी को रोकने के संदेश को उजागर करेगा।’’
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