देश की खबरें | चंडीगढ़: विस्फोट के पीछे पाक आतंकवादी रिंदा और अमेरिका स्थित गैंगस्टर पासिया का हाथ, एक गिरफ्तार

चंडीगढ़, 13 सितंबर पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि चंडीगढ़ ग्रेनेड धमाके की साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और अमेरिका स्थित गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया ने रची थी। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।

रिंदा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है।

चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित मकान में बुधवार शाम को कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था। मकान मालिक ने दावा किया था कि ऑटो में सवार दो लोगों ने घर पर हथगोला फेंका था।

पुलिस ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहन मसीह के रूप में हुई है, जो अमृतसर के पासिया गांव का निवासी है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसके पास से एक अत्याधुनिक 9एमएम ग्लॉक पिस्तौल और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

डीजीपी ने कहा, ‘‘इस घटना में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड सैन्य ग्रेड का उपकरण है, जिसे आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) की मदद से ड्रोन के जरिये सीमा पार से तस्करी कर लाया गया है।’’

यादव ने कहा कि पुलिस ने दूसरे आरोपी व्यक्ति की भी पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को पूरा सहयोग मिलने की बात दोहराई।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पिछले कुछ सालों से जम्मू-कश्मीर में काम कर रहा रोहन गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ ​​हैप्पी पासिया को उनके गांव से जानता था। हैप्पी पासिया ने रोहन को वित्तीय लाभ का वादा करते हुए हमले का निर्देश दिया था।

डीजीपी यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान, आरोपी रोहन ने ग्रेनेड विस्फोट में शामिल होने की बात कबूल कर ली है। यादव के अनुसार, रोहन ने खुलासा किया कि उसने हैप्पी पासिया के इशारे पर काम किया, जिसने अपने सहयोगियों के माध्यम से ग्रेनेड और हथियार उपलब्ध कराए।

डीजीपी ने कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच जारी है।

उन्होंने कहा, ''आरोपी, अमृतसर के राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) की हिरासत में है।''

एसएसओसी के सहायक महानिरीक्षक सुखमिंदर सिंह मान ने अधिक जानकारी साझा करते हुए कहा कि अपराध करने के बाद रोहन और उसका साथी पहले अमृतसर गए तथा उसके बाद अलग-अलग रास्ते पर निकल गए।

उन्होंने कहा कि रोहन पहले खन्ना में अपने परिचित के पास गया था, लेकिन बाद में वह अमृतसर लौट आया, क्योंकि उसकी योजना जम्मू-कश्मीर जाने की थी। इसी बीच उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एआईजी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी विशिष्ट व्यक्ति को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, क्योंकि इसी आतंकी समूह ने पिछले साल भी इसी स्थान पर इसी तरह का हमला करने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने बटाला के बिक्रमजीत सिंह उर्फ ​​राजा और मजीठा के बावा सिंह नामक दो गुर्गों को गिरफ्तार करके उस प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)