ताजा खबरें | चुनौतियां कल भी थीं, आज भी हैं लेकिन जनता ने हम पर तीसरी बार भरोसा जताया : भूपेंद्र यादव

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर सत्ता पक्ष ने मंगलवार को राज्यसभा में दावा किया कि संविधान की भावना को आगे बढ़ाते हुए उसने लोकसभा और विधानसभाओं में सरकारें बनाईं तथा देश को विकास के पथ पर अग्रसर किया और ‘‘सत्यमेव जयते’’ को चरितार्थ करते हुए जनता ने तीसरी बार उस पर भरोसा कर सत्ता सौंपी है।

राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान बनाते समय कई चुनौतियां सामने थीं और तब संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने उनका जिक्र भी किया था।

उन्होंने कहा ‘‘चुनौतियां आज भी हैं, भले ही उनका रूप बदल गया है। तब हम 35 करोड़ थे और आज 140 करोड़ हो गए हैं। फिर भी संविधान की भावना को आगे बढ़ाते हुए हमने लोकसभा और विधानसभाओं में सरकारें बनाई हैं। हमारी जनता इसके लिए बधाई की पात्र है।’’

उन्होंने कहा कि संविधान की पुस्तिका जेब में रख कर चलने वालों को चुनाव में जनता ने ही जवाब दिया है क्योंकि तब यह दावा किया गया था कि ‘‘हम जीत गए तो हम संविधान बदल देंगे। यह भ्रम दूर हो गया। सत्य लोगों के सामने है। सत्यमेव जयते।’’

मौलिक अधिकारों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि 75 साल में वह दौर भी आया था जब लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। उन्होंने कहा कि तब असहमति की आवाजों को कुचला गया था और तत्कालीन सरकार का समर्थन करने वालों को रसूखदार पद दिए गए थे।

कांग्रेस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा कि दिल्ली में 1984 में हुए दंगों की जांच के लिए न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा आयोग बनाया गया जिसने तमाम कांग्रेस नेताओं को क्लीन चिट दे दी थी। उन्होंने कहा कि 0 बाद में न्यायमूर्ति मिश्रा भारत के प्रधान न्यायाधीश, मानवाधिकाार आयोग के अध्यक्ष और राज्यसभा के सदस्य भी बनाए गए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बार बार राज्यों की सरकारें गिराईं और उच्चतम न्यायालय को उसे उसका दायरा बताना पड़ा था। उन्होंने कहा ‘‘आपके ही शासन से हमने सीखा है कि जीत सत्य की होती है यानी सत्यमेव जयते और इसीलिए हमें तीसरी बार जनता ने चुना है।’’

यादव ने कहा ‘‘बीते दस साल में हमने देखा है कि जब भी देश में गौरवशाली मौके आए, कांग्रेस पीछे हटते नजर आई है। संविधान निर्माताओं ने जो मूल सिद्धांत दिया है वह यह है कि विचार विमर्श हो और सबको साथ ले कर चला जाए। ग्रामीण भारत को समृद्ध करने का संविधान निर्माताओं का जो निर्देश है उसी के अनुरूप आज कई योजनाएं ग्रामीण भारत के विकास के लिए हमारी सरकार चला रही है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों की बात करती है लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने जनजातीय मंत्रालय बनाया।

यादव ने कहा कि संविधान केवल चर्चा की वस्तु नहीं है बल्कि इसे आत्मा के साथ आत्मसात करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने केंद्र और राज्यों के संबंध बेहतर तरीके से हों, इसके लिए संविधान में व्यवस्था दी है। उन्होंने कहा कि कल तिरुचि शिवा ने कहा था कि संसद के द्वार पर मकर द्वार लिखा गया जो उन्हें समझ नहीं आता। उन्होंने कहा ‘‘तमिल डिक्शनरी में मकर शब्द तमिल में ही लिखा है। इसलिए ऐसी बात यहां नहीं करना चाहिए। हम सभी ओं का सम्मान करते हैं।’’

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