पुणे, 30 मई प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को कहा कि मणिपुर में चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं, और उम्मीद है कि कुछ समय में चीजें सही हो जाएंगी।
जनरल चौहान ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में मौजूदा स्थिति का उग्रवाद से संबंध नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार मणिपुर में तीन मई को शुरू हुई जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
चौहान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 144वें कोर्स की पासिंग आउट परेड की सलामी लेने के लिए मंगलवार को पुणे में हैं।
मणिपुर की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मणिपुर में 2020 से पहले सेना, असम राइफल्स को तैनात थी। चूंकि उत्तरी सीमाओं से संबंधित चुनौतियां कहीं अधिक थीं, इसलिए हमने सेना को हटा लिया। चूंकि उग्रवाद से उपजी स्थिति सामान्य हो गई थी, इसलिए हमने ऐसा किया।”
उन्होंने कहा कि मणिपुर की मौजूदा स्थिति का उग्रवाद से संबंध नहीं है।
जनरल चौहान ने कहा कि यह दो जातीय समूहों के बीच हिंसा और कानून-व्यवस्था से संबंधित मामला है।
सीडीएस ने कहा, “हम समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “मैं यह बताना चाहूंगा कि सशस्त्र बलों और असम राइफल्स ने वहां उत्कृष्ट काम किया है और बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई है। हालांकि मणिपुर में चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं, इसमें कुछ समय लगेगा। उम्मीद है कि समाधान निकलेगा और वहां सरकार सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) आदि की मदद से काम कर पाएगी।”
कार्यक्रम में संबोधन में चौहान ने उत्तरी सीमाओं पर चीन की पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) की तैनाती के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, “हम यूरोप में युद्ध, उत्तरी सीमाओं पर चीन की पीएलए की तैनाती और पड़ोसी देशों में भू-राजनीतिक संकट देख रहे हैं। ये संकट भारत के लिए एक चुनौती पेश करते हैं, लेकिन सशस्त्र बल क्षेत्र पर भारत के दावों की वैधता और शांति बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।”
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