देश की खबरें | चागोस द्वीप की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन के फैसले का स्वागत करते हैं : भारत

नयी दिल्ली, 22 मई भारत ने ब्रिटेन द्वारा ऐतिहासिक समझौते के तहत डिएगो गार्सिया के उष्णकटिबंधीय एटोल सहित चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के निर्णय का बृहस्पतिवार को स्वागत किया।

ब्रिटेन 50 वर्षों से अधिक समय के बाद इन द्वीपों पर अपना अधिकार छोड़ रहा है।

भारत ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसने ‘उपनिवेशवाद की समाप्ति, संप्रभुता के सम्मान और राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता’ पर अपने सैद्धांतिक रुख के मद्देनजर चागोस द्वीपसमूह पर मॉरीशस के ‘वैध दावे’ का लगातार समर्थन किया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम डिएगो गार्सिया सहित चागोस द्वीपसमूह पर मॉरीशस की संप्रभुता स्थापित करने के लिए ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘इस द्विपक्षीय समझौते के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे चागोस विवाद का औपचारिक समाधान एक मील का पत्थर है तथा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक घटनाक्रम है।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मॉरीशस और अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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