देहरादून, आठ मई उत्तराखंड सरकार प्रदेश के सभी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने के दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रमाणपत्र विद्यालय में ही उपलब्ध कराएगी।
इस संबंध में प्रदेश के सचिव शैलेश बगोली ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 11वीं और 12वीं के छात्रों को स्थायी निवास, जाति, आय, चरित्र, पर्वतीय तथा अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र विद्यालय में ही उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि छात्रों को आवश्यक प्रमाणपत्रों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए सभी विद्यालयों में 'अपणों स्कूल, अपणू प्रमाण' नामक यह पहल की गयी है।
बगोली ने जिलाधिकारियों को अपनी अध्यक्षता में मुख्य शिक्षा अधिकारी को सम्मिलित करते हुए जिला स्तर पर एक समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति जनपद स्तर पर 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या का आकलन करेगी और तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की सहायता से प्रमाणपत्र निर्गत किए जाने की कार्ययोजना तैयार करेगी।
इस कार्यक्रम की जनपद स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा और निगरानी की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि आवश्यक शुल्क और दस्तावेज प्राप्त होने के बाद तहसीलदार और उपजिलाधिकारी कार्यालय द्वारा प्रमाण-पत्र जारी कर दिए जाएंगे और उन्हें अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर छात्र-छात्राओं में वितरण हेतु संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
दीप्ति
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