देश की खबरें | लापता सैन्य अधिकारी को ढूंढने से संबंधित कदमों के बारे में बूढ़ी मां को अवगत कराए केंद्र : न्यायालय

नयी दिल्ली, चार अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सैन्य अधिकारी कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी का पता लगाने के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में उनकी 83-वर्षीया मां को तीन-तीन महीने पर अवगत कराने का बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया।

कैप्टन भट्टाचार्जी का सालों पहले एक सैन्य अभियान के बाद से अता-पता नहीं चल सका है, और ऐसा समझा जाता है कि वह पिछले 25 वर्ष से अधिक समय से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने कहा कि सैन्य अधिकारी की बूढ़ी मां ने याचिका दायर की है, जो चाहती हैं कि सरकार उनके बेटे के बारे में पता लगाने के लिए कुछ कदम उठाए।

पीठ ने कहा, ‘‘हम भारत सरकार को कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी का अता-पता लगाने के लिए उचित कदम उठाने और उन कदमों के बारे में उनकी (सैन्य अधिकारी की) मां को त्रैमासिक स्तर पर अवगत कराने के लिए सलाह देते हैं।’’

शीर्ष अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज की दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया कि कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी का पता लगाने के लिए राजनयिक और अन्य चैनल के माध्यम से प्रयास जारी हैं।

न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि यदि घात लगाकर हमला किया गया होता और पूरी पलटन पर हमला हुआ होता तो स्थिति समझी जा सकती है, लेकिन यहां ऐसा मामला है, जहां पलटन के केवल दो व्यक्ति लापता हुए थे और बाकी वापस आ गए थे।

पीठ ने नटराज से कहा, ‘‘बाकी, जो वापस बेस पर लौट आए हैं, उन्हें कुछ पता होना चाहिए कि क्या हुआ था। आप उनसे यह पता लगाने की कोशिश करें क्योंकि (बुजुर्ग मां को) कम से कम अपने बेटे की स्थिति का तो पता हो।’’

शीर्ष अदालत ने 12 मई को केंद्र से, मां की याचिका पर कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में अद्यतन स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को सूचना मिली है कि अगस्त 1992 में भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स रेजिमेंट के अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त संजीत भट्टाचार्जी लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं।

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