देश की खबरें | केंद्र ने निर्वाचन आयोग को कमजोर किया है: विपक्षी दल

नयी दिल्ली, 23 नवंबर प्रमुख विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों के बाद केंद्र की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पर निर्वाचन आयोग को कमजोर करने का आरोप लगाया तथा चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र को निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति से जुड़ी फाइल उसके (शीर्ष न्यायालय के) समक्ष पेश करने को कहा। गोयल को 19 नवंबर को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था।

न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि वह जानना चाहती है कि निर्वाचन आयुक्त के रूप में गोयल की नियुक्ति में कहीं कुछ अनुचित तो नहीं किया गया क्योंकि उन्होंने हाल में सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार को गोयल की नियुक्ति के कागजात दिखाने से कभी आपत्ति नहीं करनी चाहिए...क्या केंद्र के पास छिपाने के लिए कुछ है? क्या दाल में कुछ काला है या फिर दाल ही काली है?’’

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी बहुत खतरनाक है और चुनाव आयोग की स्थिति को बयां करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का स्वागत करते हैं। निर्वाचन आयोग को इससे सबक लेना चाहिए।’’

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘‘नियुक्ति की प्रक्रिया पर उच्चतम न्यायालय द्वारा समीक्षा की जा रही है। हमने हमेशा मांग की है कि चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया भी सीबीआई और लोकपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया की तरह होनी चाहिए।’’

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने निर्वाचन आयोग को कमजोर किया है।

राजद प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जो टिप्पणियां की हैं वे इसका स्पष्ट संकेत है कि हम जो लंबे समय से कहते आ रहे हैं वह सही है।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने आयोग के कामकाज को लेकर महत्वपूर्ण चिंताएं जताई हैं।’’

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