रायपुर, चार सितंबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आठ लाख से अधिक घरों के निर्माण को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने केंद्र से राज्य में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए पीएमएवाई के तहत अलग से घरों को मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार (2018-23) की आलोचना करते हुए साय ने आरोप लगाया कि वह राज्य में इस योजना को लागू करने में विफल रही, जिसके चलते 18 लाख परिवार पक्के (कंक्रीट) घरों से वंचित रह गए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने आवास योजना को लागू करने में खास रुचि नहीं दिखाई जिसके कारण 18 लाख परिवारों को योजना तहत घर नहीं मिल सके। बघेल सरकार ने इस योजना के लिए राज्य के हिस्से की 40 प्रतिशत राशि वितरित नहीं की क्योंकि योजना में ‘प्रधानमंत्री’ शब्द जुड़ा था और उन्हें डर था कि इसका श्रेय भाजपा सरकार (केंद्र में) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाएगा।’’
पिछले साल दिसंबर में पदभार संभालने वाले मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में पीएमएवाई (2023 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा पार्टी द्वारा की गई एक प्रमुख घोषणा) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों के लिए 18 लाख घरों की मंजूरी दी और राज्य के हिस्से की धनराशि की भी व्यवस्था की।
साय ने कहा कि मंगलवार को केंद्र ने छत्तीसगढ़ में पीएमएवाई के तहत 8,46,931 घरों के निर्माण की मंजूरी दी हैं और इस फैसले के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
साय ने बताया कि उनकी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए पीएमएवाई के तहत अलग से घरों के निर्माण को मंजूरी देने का केंद्र से अनुरोध किया है।
साय ने कहा, ‘‘हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (जिनके पास कृषि और ग्रामीण विकास विभाग है) से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए पीएमएवाई के तहत अलग से घर स्वीकृत करने का अनुरोध किया है, जिस पर उन्होंने विचार करने पर सहमति जताई है।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की भाजपा सरकार इन लोगों के लिए 10,000 घर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक नयी योजना ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) शुरू की है, जिसके तहत सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों(पीवीटीजी) की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) योजना के तहत राज्य में 24,064 घर स्वीकृत किए गए और उनमें से अधिकांश पूरे हो चुके हैं।
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