देश की खबरें | केंद्रीय जल आयोग ने राज्यों के लिए बाढ़ परामर्श जारी किया, भूस्खलन की चेतावनी दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली,18 अगस्त देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून के दौरान भारी बारिश होने के मद्देनजर केद्रीय जल आयोग ने मंगलवार को कई राज्यों के लिए बाढ़ का परामर्श जारी किया। साथ ही, कुछ राज्यों के पर्वतीय जिलों में भूस्खलन होने की भी चेतावनी दी।

आयोग ने कहा कि भारी बारिश से कई राज्यों के जलाशयों में जलस्तर बढ़ जाएगा।

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आयोग ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए जारी एक परामर्श में कहा कि आने वाले दिनों में वहां भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, सतलुज, रावी, व्यास, घग्गर, यमुना, भागीरथी, अलकनंदा, गंगा, रामगंगा, शारदा, सरयू और घाघर का जल स्तर बढ़ जाएगा।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘कुछ पर्वतीय जिलों में अचानक बाढ़ आने की संभावना है। संभावित भूस्खलन और इसके चलते नदी के जल प्रवाह को बाधित होने से रोकने के लिए एहतियती उपाय जरूरी हैं। ’’

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नदियों में जल का प्रवाह बढ़ने की निगरानी करने का परामर्श दिया जाता है।

परामर्श में गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के लिए कहा गया है कि वहां भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इससे माही, नर्मदा, तापी और दमनगंगा का जलस्तर बढ़ जाएगा।

इसमें कहा गया है कि नर्मदा, तापी और दमनगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है।

इसमें कहा गया है सौराष्ट्र और कच्छ में कई छोटे बांधों में भी उनकी जल भंडारण क्षमता के करीब पानी जमा हो गया है।

परामर्श में कहा गया है कि कोंकण और गोवा में भी अगले चार-पांच दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है, इससे नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए एक परामर्श में कहा गया है कि इन राज्यों में अगले चार-पांच दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी पर पोलावरम परियोजना और लक्ष्मी बराज का जल स्तर बढ़ने की संभावना है।

कर्नाटक के लिए इसमें कहा गया है कि कृष्णा नदी बेसिन में ज्यादातर बांधों में जल भंडारण 86 से 98 प्रतिशत के बीच हो गया है।

मध्य महाराष्ट्र में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिये परामर्श में कहा गया है कि चंबल, माही, साबरमती, कालीसिंध, बनास नदियों के जलस्तर भी बढ़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में नर्मदा और मांडला खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।

बिहार, झारखंड और गंगाई पश्चिम बंगाल के लिये परामर्श में कहा गया है कि बिहार में कई नदियां उफान पर हैं।

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