जरुरी जानकारी | केंद्रीय लोक उपक्रमों ने पिछले तीन महीनों में एमएसएमई को 6,800 करोड़ रुपये बकाये भुगतान किये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बुधवार को कहा कि पिछले तीन महीनों में केद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के 6,800 करोड़ रुपये के बकाये भुगतान किये हैं।
नयी दिल्ली, दो सितंबर सरकार ने बुधवार को कहा कि पिछले तीन महीनों में केद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के 6,800 करोड़ रुपये के बकाये भुगतान किये हैं।
एमएसएमई मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अधिकतर केन्द्रीय मंत्रालयों और केंद्रीय लोक उपक्रमों (सीपीएसई) ने एक महीने के दौरान बकाये का लगभग तीन चौथाई मासिक भुगतान किया है। लंबित बकाया राशि भी 45 दिनों से कम अवधि की भुगतान होने की उम्मीद है।
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बयान के अनुसार, ‘‘पिछले तीन महीनों में ही मंत्रालयों और सीपीएसई ने 6,800 करोड़ रुपये भुगतान किये।’’
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार और सीपीएसई के ऊपर एमएसएमई का जो भी बकाया है, उसे 45 दिन के भीतर जारी किया जाएगा।
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मंत्रालय ने कहा कि इस घोषणा का कड़ाई से अनुपालन किया गया और केन्द्रीय मंत्रालयों तथा केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) और राज्य सरकारों के साथ इस मामले को उठाया गया। इस मामले में विशेष रूप से सीपीएसई के प्रमुखों के समक्ष रखा गया और मामले निपटाये गये।
बयान में कहा गया है, ‘‘रिपोर्टिंग को आसान, नियमित और सहज बनाने के लिये मासिक भुगतान और मासिक बकाया राशि की जानकारी देने को लेकर एक अलग से ऑनलाइन व्यवस्था बनायी गयी है।’’
एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 में यह प्रावधान है कि ऐसी बकाया राशि का भुगतान 45 दिनों के अंदर किया जाना चाहिए।
बयान के अनुसार, ‘‘हालांकि, यह देखने में आया है कि वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति करने वाले एमएसएमई निर्धारित समय में अपना भुगतान प्राप्त नहीं कर पाते हैं। सार्वजनिक और निजी संस्थाएँ इस समय सीमा को पार कर जाती हैं। इससे एमएसएमई के सामने परेशानियां पैदा होती हैं।’’
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