नयी दिल्ली, 13 दिसंबर केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय से संपर्क कर केंद्र सरकार पर शुद्ध उधारी पर सीमा लगाकर राज्य के वित्तीय मामलों को विनियमित करने की उसकी "विशेष, स्वायत्त और पूर्ण शक्तियों" के इस्तेमाल में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर एक मूल वाद में, केरल सरकार ने कहा है कि संविधान विभिन्न अनुच्छेदों के तहत राज्यों को अपने वित्तीय मामलों को विनियमित करने के लिए राजकोषीय स्वायत्तता प्रदान करता है, और उधार लेने की सीमा राज्य के कानून से तय होती है।
संविधान का अनुच्छेद 131 केंद्र और राज्यों के बीच किसी भी विवाद में शीर्ष अदालत के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
वाद में वित्त मंत्रालय (सार्वजनिक वित्त-राज्य प्रभाग), व्यय विभाग के माध्यम से केंद्र द्वारा जारी 27 मार्च और 11 अगस्त, 2023 के पत्रों और राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 की धारा 4 में किए गए संशोधनों का उल्लेख किया गया है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार राज्य पर शुद्ध उधारी सीमा लगाकर राज्य के वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप करना चाहती है।
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