देश की खबरें | केंद्र ने उच्च न्यायालय से कहा : गैर कोविड-19 रोगियों की देखभाल के लिये नियम अप्रैल में ही जारी हुए
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मुंबई, दो जून केंद्र सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय से मंगलवार को कहा कि इसने पिछले महीने सभी राज्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया था कि लॉकडाउन के दौरान गंभीर रोग से पीड़ित गैर कोविड-19 रोगियों का इलाज और आपातकालीन सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए।
केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि केंद्र ने 15 अप्रैल को कई दिशा-निर्देश जारी किए थे कि सुनिश्चित किया जाए कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान सभी स्वास्थ्य सेवाएं चालू रहें।
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सिंह ने पीठ को बताया कि दिशा-निर्देश में सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाएं, डिस्पेंसरी, अस्पताल, पशु अस्पताल तथा दवाओं, चिकित्सा उपकरणों आदि की उत्पादन इकाइयां काम करती रहें, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध जारी रहें। साथ ही कोविड-19 के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज में कोई परेशानी नहीं हो।
पीठ में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ए ए सईद शामिल थे।
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अदालत कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिस दौरान सिंह ने ये दलील दी। इन जनहित याचिकाओं में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई कि लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 से इतर अन्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।
एक याचिकाकर्ता के वकील अंकित कुलकर्णी ने कहा कि उच्च न्यायालय बुधवार को भी इन याचिकाओं पर सुनवाई जारी रख सकता है। इसने महाराष्ट्र सरकार को मौखिक सुझाव दिया कि क्या वह ‘‘बीएमसी के 1916 हेल्पलाइन नंबर की तरह सभी नगर निगम एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर शुरू कर सकते हैं’’ ताकि कोविड और गैर कोविड रोगियों के लिए बिस्तरों, एंबुलेंस की उपलब्धता से जुड़ी सूचना दी जा सके।
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