देश की खबरें | सभी स्वास्थ्यकर्मियों को उचित आवासीय सुविधा प्रदान करने की केन्द्र की राज्यों को सलाह
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नयी दिल्ली, 17 जून केन्द्र ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उसने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे सभी स्वास्थ्यकर्मियों को,जहां जरूरी हो, अलग से उचित आवासीय सुविधा प्रदान करें।

न्यायालय में दाखिल हलफनामे में केन्द्र ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञों के संयुक्त निगरानी समूह ने कोविड-19 के मामूली लक्षण होने की स्थिति में पृथक-वास के लिये घर के इस्तेमाल की सलाह दी है।

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सरकार ने न्यायालय में लंबित जनहित याचिका में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि घर में ही अलग रहना या पृथक-वास करना, जहां संभव हो, सबसे बेहतर है क्योंकि यह वैज्ञानिक तरीके पर आधारित है।

न्यायालय मे निजी चिकित्सक डा आरूषि जैन द्वारा दायर याचिका में सरकार के 15 मई के सर्कुलर को चुनौती दी गयी है जिसमें कहा गया था स्वास्थ्यकर्मियों के लिये 14 दिन का पृथक-वास अनिवार्य नहीं है।

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केन्द्र ने कहा है कि जिनके पास ऐसी सुविधा नहीं है वे दूसरे स्थानों पर अलग रह सकते हैं। उदाहरण के लिये अगर केन्द्र सरकार के किसी डाक्टर या स्वास्यकर्मी के कोविड लक्षणों से ग्रस्त होने का संदेह है तो उन्हें एम्स के झज्जर या ट्रामा सेन्टर पर बनी एम्स कोविड उपचार सुविधा केन्द्र में अलग रखा जाता है।

केन्द्र के अनुसार राज्य सरकारों ने भी विभिन्न होटलों, गेस्ट हाउस, छात्रावास और दूसरे स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मियों के आवास की वैकल्पिक व्यवस्था की है।

अनूप

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