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प्रवासी कामगारों की वापसी के लिए केन्द्र, उप्र सरकार ने निःशुल्क ट्रेन, बस सेवा की व्यवस्था की: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन तथा बस की सुरक्षित यात्रा के संबंध में जागरूक किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि अब तक प्रदेश में 838 श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों से 14 लाख से अधिक प्रवासी कामगार पहुंच चुके हैं। अगले दो दिन में 206 ट्रेन और आएंगी। इस प्रकार 1,044 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है।

प्रवासी कामगारों की वापसी के लिए केन्द्र, उप्र सरकार ने निःशुल्क ट्रेन, बस सेवा की व्यवस्था की: मुख्यमंत्री
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उन्होंने सीमा क्षेत्र के साथ-साथ टोल प्लाजा एक्सप्रेस-वे तथा प्रमुख चौराहों पर भी प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन तथा बस की सुरक्षित यात्रा के संबंध में जागरूक किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि अब तक प्रदेश में 838 श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों से 14 लाख से अधिक प्रवासी कामगार पहुंच चुके हैं। अगले दो दिन में 206 ट्रेन और आएंगी। इस प्रकार 1,044 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है।

योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डल में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आगमन, तत्पश्चात प्रवासी कामगारों को बस द्वारा उनके गृह जनपद भेजे जाने की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें।

उन्होंने कहा कि राज्य सड़क परिवहन निगम की 12 हजार बस प्रवासी कामगारों को उनके गृह जनपद पहुंचा रही हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रत्येक जिलाधिकारी के निवेदन पर 200 बसों की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार सभी 75 जनपदों में जिलाधिकारियों को कुल 15 हजार बस अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी श्रमिकों को भोजन तथा पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद इनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे। कम्युनिटी किचन के माध्यम से सभी जरूरमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने समस्त पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का आगमन संभावित है, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पृथक-वास केंद्रों की कुल क्षमता को 15 लाख तक किए जाने की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार कम्युनिटी किचन के माध्यम से 15 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध किए जाएं।

योगी ने एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में कुल बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 75 हजार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के नवीनतम दिशा-निर्देशों के क्रम में लॉकडाउन की अवधि में अनुमन्य गतिविधियों का दायरा बढ़ा है। इसके दृष्टिगत भौतिक दूरी का कड़ाई से पालन कराने तथा भीड़ को एकत्र न होने देने के लिए पुलिस द्वारा प्रभावी गश्त की जाए। पुलिस द्वारा बाजार आदि में नियमित तौर पर पैदल गश्त की जाए। ग्रामीण इलाकों में भी सघन गश्त की जाए। हाई-वे, एक्सप्रेस-वे पर पीआरवी-112 के माध्यम से गश्त का कार्य किया जाए।

उन्होंने कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने गेहूं क्रय केन्द्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठाकर अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2020 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).