देश की खबरें | केंद्र ने राज्यों से कोविड-19 टीके के प्रतिकूल प्रभावों पर निगरानी मजबूत करने की तैयारी करने को कहा
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नयी दिल्ली, 24 नवंबर केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि कोविड-19 की रोकथाम का टीका आने से पहले वे टीकाकरण के बाद के संभावित प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी मजबूत करने के लिए कदम उठाएं। केंद्र ने कहा कि कुछ प्राथमिकता वाले समूहों का टीकाकरण करने के लिए तैयारियां चल रही हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 नवंबर के पत्र में कुछ कदम गिनाते हुए कहा है कि ये भारत में ‘टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभावों’ (एईएफआई) की निगरानी की मौजूदा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए जरूरी हैं ताकि कोविड-19 के टीकाकरण के लिए एईएफआई की समय पर और पूरी जानकारी मिलना संभव हो।
मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉ मनोहर अगनानी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘मेरा अनुरोध है कि इन पहलों को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि राज्य और जिले में कोविड-19 का टीका आने से पहले आवश्यक बदलाव हों।’’
इसने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से राज्य और जिला एईएफआई समिति में बाल रोग विशेषज्ञों सहित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल करने को कहा क्योंकि कोविड-19 का टीका वयस्कों को लगाया जाएगा, जिनमें से अधिकतर को पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि रोगियों में पहले से हृदय और मस्तिष्क आदि संबंधी समस्याएं होने की वजह से टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव सामने आ सकते हैं और ऐसे में राज्य एईएफआई समितियों की सदस्यता को संशोधित कर उसमें तंत्रिका रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, श्वसन रोग संबंधी विशेषज्ञों को शामिल किया जाए जो इन चीजों पर नजर रख सकें।
इसने कहा, ‘‘इसी तरह जिले के अधिकारियों को जिले की एईएफआई समितियों में ऐसे चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल करने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।’’
मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि राज्य एईएफआई तकनीकी सहायता केंद्र के रूप में काम करने के लिए एक मेडिकल कॉलेज का चयन करें।
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