नयी दिल्ली, 16 जून केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के प्रमुख विवेक जौहरी ने शुक्रवार को कहा कि सीमा शुल्क में 'फेसलेस' मूल्यांकन में सुधार के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्रों (एनएसी) की भूमिका नए सिरे से परिभाषित की जा रही है।
सीबीआईसी ने आयातित वस्तुओं की निकासी के लिए पिछले वर्ष सितंबर में चरणबद्ध ढंग से जोखिम आधारित फेसलेस (प्रत्यक्ष संपर्क के बगैर) मूल्यांकन प्रणाली शुरू की थी। इसके लिए 11 सीमा शुल्क आयुक्त कार्यालयों को अखिल भारतीय क्षेत्राधिकार के साथ आंशिक रूप से एनएसी के रूप में पुनर्गठित किया गया था।
जौहरी ने उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा कि सीमा शुल्क के फेसलेस मूल्यांकन में कुछ खामियां हैं जिन्हें दूर करने की कोशिश में विभाग लगा हुआ है।
उन्होंने कहा, “हम पूरी प्रक्रिया को युक्तिसंगत बनाने और इसे अधिक कुशल बनाने के लिए एनएसी की भूमिका को फिर से परिभाषित करने में लगे हुए हैं।”
सीबीआई पहले से ही एनएसी की संख्या 11 से घटाकर आठ कर चुकी है।
सीबीआईसी प्रमुख ने कहा, “हम उन्हें दोबारा सक्रिय करने और उन्हें मजबूत करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।”
जौहरी ने कहा कि सीबीआईसी तीन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं- नियामक ढांचा, प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए माल निकासी के औसत समय को वर्ष 2047 तक घटाकर एक घंटा पर लाने की उम्मीद कर रहा है।
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