जरुरी जानकारी | सीबीआई ने कथित हथियार डीलर, कोरियाई कंपनी पर भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा किया

नयी दिल्ली, एक जुलाई सीबीआई ने गुजरात के दाहेज में ओपल परियोजना का ठेका देने में कथित रूप से भ्रष्टाचार के मामले में हथियार डीलर संजय भंडारी पर मुकदमा दर्ज किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि भंडारी पर आरोप है कि उसने सैमसंग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड से सरकारी कंपनी ओएनजीसी की एक अनुषंगी कंपनी की परियोजना का ठेका दिलाने के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर लिए।

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उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने इस मामले सैमसंग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एसईसीएल) के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक होंग नामकोंग, ब्रिटेन स्थित फोस्टर व्हीलर एनर्जी लिमिटेड और भंडारी की यूएई स्थित कंपनी सेंटेक इंटरनेशनल एफजेडसी के साथ ही ओएनजीसी और उसकी सहायक कंपनी ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड (ओपीएएल) के कुछ अज्ञात अधिकारियों को भी नामजद किया है।

उन्होंने कहा कि कई रक्षा सौदों के संबंध में भी भंडारी की जांच चल रही है और शायद वह इस समय लंदन में है।

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सीबीआई का आरोप है कि भंडारी ने सेंटेक सेंटेच इंटरनेशनल के निदेशक के रूप में एसईसीएल के साथ एक आपराधिक षड्यंत्र रचा, उससे परामर्श शुल्क के रूप में 49.99 लाख अमेरिकी डॉलर लिए, जो कोरियाई कंपनी और ओपल के बीच हुए अनुबंध के सत्यनिष्ठा उपबंध का उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि कथित परामर्श शुल्क सेंटेक इंटरनेशनल के विदेशी खातों में प्राप्त किया गया था।

एजेंसी ने आरोप लगाया है कि गुजरात के दाहेज पेट्रोकेमिकल परिसर में स्थापित होने वाले ओपल के दोहरे ईंधन क्रैकर का ठेका एसईसीएल के पक्ष में देने के लिए परामर्श शुल्क का इस्तेमाल अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए किया गया।

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