देश की खबरें | सीबीआई को केजरीवाल, उनके मंत्रियों के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए: बिधूड़ी

नयी दिल्ली, 20 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के खिलाफ दिल्ली मास्टर प्लान-2021 का उल्लंघन कर अनधिकृत क्षेत्रों में शराब दुकानों की अनुमति देने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की मांग की।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बिधूड़ी ने कहा कि शहर के अनधिकृत क्षेत्रों में शराब की दुकानों के लिए लाइसेंसधारियों को अनुमति देने का निर्णय पिछले साल पांच नवंबर को केजरीवाल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था।

उन्होंने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही उनके मंत्रिमंडल के पास ऐसा निर्णय लेने की शक्ति है। बिधूड़ी ने कहा, ‘‘मैं सीबीआई से मांग करता हूं कि बैठक में मौजूद रहे केजरीवाल और उनके मंत्रियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए क्योंकि मंत्रिमंडल के पास दिल्ली मास्टर प्लान-2021 के प्रावधानों का उल्लंघन कर अनधिकृत और आवासीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति देने का अधिकार नहीं है।’’

बिधूड़ी ने कहा कि यह शक्ति दिल्ली के मुख्यमंत्री या उनकी मंत्रिपरिषद में निहित नहीं थी। उन्होंने नियमों और प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए यह निर्णय लिया। भाजपा नेता ने दावा किया कि मास्टर प्लान ‘‘गैर निर्धारित’’ क्षेत्रों में शराब की दुकानों की अनुमति नहीं देता है।

उन्होंने कहा कि यदि अनधिकृत क्षेत्र में शराब की दुकानों की अनुमति दी जानी है तो मास्टर प्लान में संशोधन की आवश्यकता है। बिधूड़ी ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से अवैध था और सीबीआई को केजरीवाल और उनके मंत्रियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।’’

दस्तावेज से पता चलता है कि अंतिम रूप दी गई आबकारी नीति 2021-22 को 24 मई, 2021 को तत्कालीन उपराज्यपाल अनिल बैजल के समक्ष रखा गया था। दिल्ली मंत्रिमंडल ने 23 जून और 15 सितंबर को नीति में और संशोधन किए। पांच नवंबर, 2021 को मंत्रिमंडल ने अनधिकृत क्षेत्रों में शराब की दुकानों को अनुमति देने का फैसला किया।

दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय द्वारा तैयार एक रिपोर्ट से पता चलता है कि पूर्व उपराज्यपाल ने 15 नवंबर, 2021 को निर्णय को मंजूरी दे दी, लेकिन एक शर्त रखी कि ऐसे क्षेत्रों में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की मंजूरी अनिवार्य है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)