नयी दिल्ली, एक अप्रैल केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) के कारण हो रहे बदलावों के मद्देनजर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शिक्षा और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए।
सीबीआई के 62वें स्थापना दिवस पर 21वां डी.पी. कोहली स्मारक व्याख्यान देते हुए वैष्णव ने कहा कि एआई के आने से चीजें बदल गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एक एआई एजेंट अपराध को अंजाम दे सकता है। तब नैतिक प्रश्न यह उठेगा कि अपराध किसने किया और किसे गिरफ्तार किया जाए? क्या आप किसी एआई एजेंट को गिरफ्तार कर सकते हैं? क्या एआई बनाने वाली कंपनी या एआई एजेंट जिम्मेदार है?’’
सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे वैष्णव ने कहा, ‘‘ये वो बदलाव हैं जो आज समाज में देखने को मिल रहे हैं। आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिक क्षेत्र में हो रहे ऐसे बदलावों के लिए मैं सीबीआई तथा उसकी बेहतरीन टीम से अनुरोध करता हूं कि वे और अधिक सहयोग बढ़ाने पर विचार करें।’’
उन्होंने कहा कि हमें स्टार्टअप्स, उद्योग और शिक्षा जगत के दिग्गजों के साथ और अधिक सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, हमारे एआई मिशन में हम कई नए ‘टूल्स’ तैयार करने के लिए शिक्षा जगत के दिग्गजों के साथ सहयोग कर रहे हैं।’’
इस अवसर पर, मंत्री ने 26 सीबीआई अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY