देश की खबरें | सीबीआई ने दो अखबारों को ‘‘गलत आंकड़ों’’ के आधार पर सरकारी विज्ञापन पाने की प्राथमिक जांच शुरू की

नयी दिल्ली, 25 जून सीबीआई ने दो अखबारों की प्रसार संख्या बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर तीन साल में 65 लाख रुपये के सरकारी विज्ञापन दिए जाने के आरोप में दो लोगों और डीएवीपी के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि समाचार पत्र अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए आवश्यक न्यूनतम प्रतियां छाप रहे थे, लेकिन विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) के अज्ञात अधिकारियों की मदद से सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के लिए प्रसार संख्या कई गुना अधिक बता रहे थे।

उन्होंने कहा कि आरोप है कि इन अखबारों ने 2016-19 के दौरान डीएवीपी से 65 लाख रुपये का विज्ञापन प्राप्त किया।

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अधिकारियों ने कहा कि आरोपों का आकलन करने के लिए प्रारंभिक जांच की जाती है और अगर प्रथम दृष्टया अपराध स्थापित होता है तो उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाती है।

सीबीआई ने पिछले साल 30 अगस्त को 150 सरकारी कार्यालयों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया था। उसी दौरान टीमों ने इन अखबारों के प्रिंटिंग प्रेस का दौरा किया और पाया कि रिकॉर्ड के लिए वे लगभग 100-200 प्रतियां प्रकाशित कर रहे थे।

निरीक्षण के बाद सीबीआई प्रवक्ता आर के गौड़ ने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार के तहत सीबीआई ने यह कदम उठाया है।

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