जरुरी जानकारी | सीबीआई कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम में 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की कर रही जांच

नयी दिल्ली, 22 जून केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम (केएसएचडीसी) में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एक अधिकारी के साथ साठगांठ कर 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच शुरू की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई ने एसबीआई के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की। मुख्य प्रबंधक ने आरोप लगाया कि बैंक के सहायक प्रबंधक ने केएसएचडीसी के आवेदन पर चालू खाता खोला। इस खाते की संख्या 7828879815 थी।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: 7वीं सीपीसी के तहत यहां मिल रही है तगड़ी सैलरी, फटाफट करें अप्लाई.

शिकायत के अनुसार बैंक के तत्कालीन सहायक प्रबंधक सतीश वी वामभाशे ने धोखाधड़ी कर केएसएचडीसी के नाम पर एक और खाता खोला जिसकी संख्या..37830657832 थी। यह खाता उसी ग्राहक सूचना फाइल के तहत खोला गया और इसके लिये केएसएचडीसी से कोई मंजूरी नहीं ली गयी। इसका मकसद कोष का अवैध तरीके से हस्तांतरण करना था।

केएसएचडीसी के वास्तविक खाते में केनरा बैंक से 26 जुलाई को 5.01 करोड़ रुपये आया। इस रकम को धोखाधड़ी कर उस खाते में डाला गया, जिसे बैंक कर्मचारी ने खोला था।

यह भी पढ़े | जम्मू कश्मीर: शोपियां एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने अब तक 5 आतंकियों को किया ढेर, ऑपरेशन जारी.

बाद में इसमें से 25 लाख रुपये मियादी जमा में अंतरित किया गया। शेष राशि दो महीनों में 12 लेन-देन के जरिये वेलोहार इंफ्रा प्राइवेट लि. एंड वेंचर कॉटेज इंडस्ट्रियल ट्रेड कंपनी के खातों में डाले गये। ये रकम कथित रूप से केएसडीसी के हस्ताक्षर वाले चेक के माध्यम से निकाले गये। चेक पर सहायक (वित्त) के दस्तखत थे।

सहायक प्रबंधक ने गड़बड़ी कर केएसएचडीसी को पत्र जारी किया और कहा कि मियादी जमा रसीद का सत्यापन किया गया है और परिपक्वता राशि 5.37 करोड़ रुपये उन्हें भुगतान की जाएगी। जबकि बैंक की कोर बैंकिंग प्रणाली में एफडी केवल 25 लाख रुपये का जारी किया गया।

प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘सतीश वी वामभाशे ने खातों में धोखाधड़ी की और केएसएचडीसी के अधिकारियों के साथ मिलकर 4.76 करोड़ रुपये अनाधिकृत तरीके से आरटीजीएस के जरिये विभिन्न संदिग्ध खातों में अंतरित किये।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)