देश की खबरें | सीबीआई ने पुणे बिल्डटेक के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के मामले को बंद किया

नयी दिल्ली, दो मार्च केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पुणे बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (पीबीपीएल) और उसके निदेशकों के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक में 30 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले को बंद कर दिया, क्योंकि उसे कर्जदार द्वारा बैंक के साथ धोखाधड़ी की कोई दुर्भावना नजर नहीं आई।

जांच के करीब सात महीने के बाद सीबीआई की एक विशेष अदालत में जमा अपनी अंतिम रिपोर्ट में केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि उसे बैंक को गलत तरह से नुकसान पहुंचाने की मंशा से उसके साथ धोखाधड़ी की कोई दुर्भावना नजर नहीं आई और इसलिए आरोपियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता।

विशेष न्यायाधीश समीर बाजपेई ने आदेश दिया, ‘‘मैंने प्राथमिकी और जांच अधिकारी द्वारा दाखिल अंतिम रिपोर्ट देखी है और उनकी इस राय से संतुष्ट हूं कि प्राथमिकी में लगाये गये आरोपों पर आरोपियों के खिलाफ कोई अपराध का मामला नहीं बनता। इसलिए अंतिम रिपोर्ट स्वीकार की जाती है।’’

एजेंसी ने 17 जून, 2022 को दाखिल प्राथमिकी में पुणे बिल्डटेक (पूर्ववर्ती डायनामिक्स बलवाज रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) के निदेशकों इशाक यूसुफ बलवा और जयवर्द्धन विनोद गोयनका के नाम थे जिनके परिसरों पर भी एजेंसी ने तलाशी ली।

इस समूह को 2जी मामले में सीबीआई जांच का सामना करना पड़ा था और विशेष सीबीआई अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर सीबीआई का मामला दर्ज किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)