नागपुर, 16 अगस्त महाराष्ट्र में नागपुर के वकील सतीश महादेवराव उके और उनके भाई सहित उनके सहयोगियों के खिलाफ भूमि हड़पने के एक मामले में कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन पर संगठित अपराध विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करने का आदेश पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार को जारी किया।
उके फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। यह मामला मौजा बाबुलखेडा इलाके में नागपुर सुधार न्यास (एनआईटी) के स्वामित्व वाली 4100 वर्ग मीटर जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने से संबंधित है।
पुलिस ने कहा कि एनआईटी के प्रभागीय अधिकारी पंकज रमेश पाटिल की ओर से पांच जनवरी 2023 को दी गई शिकायत के बाद उके और अन्य पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने कहा कि जांच से पता चला है कि समूह ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन हड़पने की साजिश रची थी।
आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके कई व्यक्तियों को अवैध रूप से अर्जित भूखंड बेच दिए, जिनकी अनुमानित कीमत 7.43 करोड़ रुपये थी।
पिछले साल उके के खिलाफ अजनी थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इससे पहले, उके ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग करते हुए एक अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
उके ने आरोप लगाया था कि 1996 और 1998 में फडणवीस के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन भाजपा नेता ने 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने चुनावी हलफनामे में इसके बारे में जानकारी नहीं दी थी।
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