लखनऊ, 28 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने जेल में निरुद्ध अपने विधायक जाहिद बेग का मामला उठाया और उनकी रिहाई की मांग रखी।
विधानमंडल के बजट सत्र के सातवें दिन विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक डॉक्टर आर के वर्मा ने नियम-300 (औचित्य के मामले पर) के तहत सपा विधायक जाहिद बेग का मामला उठाया।
वर्मा ने कहा कि जाहिद बेग को इस उपवेशन (सत्र) का हिस्सा बनना चाहिए लेकिन वह नौकरानी की आत्महत्या मामले में मनगढ़ंत तहरीर और कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर जेल में निरुद्ध हैं।
वर्मा ने पुलिस पर दोहरा मापदंड लगाने का आरोप लगाते हुए कई उदाहरण दिये।
उन्होंने जेलों में निरुद्ध सपा सरकार के पूर्व मंत्री आजम खां और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि क्या इस सरकार में सपा का विधायक होना या मुसलमान होना अपराध है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मामले पर जोर देते हुए सरकार से अनुरोध किया कि वह इस पर परीक्षण करा लें।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने डॉक्टर के वक्तव्य पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला अदालत के अधीन है। ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए।
खन्ना ने कहा कि जाति विशेष के आधार पर कोई आरोप ठीक नहीं है। मंत्री ने कहा कि यह सरकार की सोच नहीं है और हम इसका खंडन भी करते हैं और इस पर एतराज भी करते हैं।
पिछले वर्ष सितंबर माह में भदोही जिले के सपा विधायक जाहिद बेग के निजी आवास में उनकी नौकरानी का शव पुलिस ने बरामद किया था। बाद में पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी विधायक, उनकी पत्नी और पुत्र के खिलाफ दर्ज की थी।
विधायक वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जाहिद बेग को फर्जी ढंग से जेल में निरुद्ध किया जबकि नौकरानी के परिजनों ने मामले से विधायक का कोई संबंध नहीं बताया और अपना हलफनामा भी दायर किया है।
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