देश की खबरें | उत्तराखंड में ‘अवैध धर्मांतरण’ का मामला : महिला का दावा, प्रलोभन देकर दबाव बनाया गया

उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 26 दिसंबर धर्मांतरण की कथित घटना की एक महत्वपूर्ण गवाह ने सोमवार को पुलिस को बताया कि एक ईसाई मिशनरी से जुड़े लोगों ने उसकी शादी का खर्च वहन करने की पेशकश की थी और धर्म परिवर्तन का प्रलोभन देकर उसे उपहार भी दे रहे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि नेपाली मूल की महिला ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि जगदीश ठाकुर और मिशनरी से जुड़े लोग कई दिनों से उसकी शादी का खर्च उठाने और उसे उपहार देने की पेशकश कर रहे थे।

महिला ने अपने बयान में कहा कि वह उन लोगों के दबाव में आ गई और 23 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। महिला ने कहा कि वे लोग उसका धर्म परिवर्तन करना चाहते थे।

डीएसपी ने कहा कि महिला का बयान पुलिस ने उसके घर पर दर्ज किया और जरूरत पड़ने पर मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जा सकता है।

अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि शुक्रवार को उत्तरकाशी जिले के देवढंग में कार्यक्रम के आयोजकों के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गई थी, जिसमें पादरी भी शामिल हुए थे।

पुरोला थाना प्रभारी कोमल सिंह रावत ने कहा था कि ‘‘आशा और जीवन केंद्र’’ नामक एक मिशनरी संगठन से जुड़े लोगों के साथ-साथ पांच ग्रामीणों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों ने शनिवार को उपसंभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी काम के लिए नेपाल से उत्तरकाशी आने वाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण करा रहे हैं।

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