देश की खबरें | प्रदर्शन के दौरान धारा 144, महामारी कानून का उल्लंघन करने पर 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को प्रदर्शन करने वाले समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं समेत 40 लोगों के खिलाफ धारा 144 तथा महामारी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नोएडा, 15 दिसंबर नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को प्रदर्शन करने वाले समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं समेत 40 लोगों के खिलाफ धारा 144 तथा महामारी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

थाना सेक्टर 20 के प्रभारी निरीक्षक आर के सिंह ने बताया, ‘‘जनपद गौतम बुद्ध नगर में धारा 144 लागू है। इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के नोएडा नगर अध्यक्ष (ग्रामीण) रेशपाल अवाना अपने 30- 40 समर्थकों के साथ धारा 144 का उल्लंघन करते हुए नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय सेक्टर 19 पहुंचे। इन लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया।’’

यह भी पढ़े | ड्रग्स मामले में बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल को NCB ने जारी किया समन: 15 दिसंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने बताया कि सपा के कुछ स्थानीय नेताओं के खिलाफ भी धारा 144 का उल्लंघन करने तथा महामारी कानून का पालन नहीं करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच, नए कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) का नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा।

यह भी पढ़े | COVID-19 in IIT Madras: आईआईटी मद्रास में कोरोना का अटैक, 15 दिनों में 183 छात्र कोरोना से संक्रमित.

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया था कि हमने अपना धरना खत्म कर दिया है। कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक हमारा धरना जारी रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि संगठन के कुछ नेता कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर आज तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

नोएडा स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कार्यकर्ता रोजाना नित नए तरीके से केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

भाकियू (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, किसानों की बात सुनने के बजाय तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। इसीलिए, किसानों ने प्रतीकात्मक तौर पर केंद्र सरकार का मुर्गा बनाकर अपना विरोध जताया है।

सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में 23 दिसंबर को तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दिन धरना स्थल पर हवन, यज्ञ के पश्चात कृषि कानूनों की तेरहवीं कराई जाएगी और ब्रह्म भोज का आयोजन किया जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now