विदेश की खबरें | कैपिटल दंगे: समिति को दस्तावेज नहीं देने संबंधी ट्रंप का अनुरोध खारिज

अमेरिकी जिला न्यायाधीश तान्या चटकन ने ट्रंप के वकीलों के प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करने के अनुरोध को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन इस बात का फैसला करने का ‘‘उचित अधिकार’’ रखते हैं कि समिति द्वारा मांगे गए दस्तावेज उन्हें दिए जाने चाहिए या नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह पूर्व और मौजूदा राष्ट्रपति के बीच का विवाद है। उच्चतम न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ऐसी परिस्थितियों में मौजूदा राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को अधिक महत्व दिया जाएगा।’’

बाइडन ने व्हाइट हाउस के पास मौजूद दस्तावेजों को साझा करने के लिए कई बार कार्यकारी विशेषाधिकार जारी किया है।

राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा दायर एक अदालती दस्तावेज के अनुसार, जो रिकॉर्ड दिए जा सकते हैं, उनमें फोन पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड, टिप्पणियां तथा भाषण आदि शामिल हैं।

ट्रंप संघीय न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं और उच्चतम न्यायालय का भी रुख कर सकते हैं।

गौरतलब है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में हार स्वीकार नहीं की थी और उन्होंने तीन नवम्बर को हुए चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। ट्रंप के इन आरोपों के बीच, कैपिटल बिल्डिंग पर उनके समर्थकों ने छह जनवरी को कथित तौर पर हिंसा की थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)