देश की खबरें | अनुच्छेद 370 को निरस्त करना जम्मू कश्मीर के विकास के लिए अच्छा साबित हुआ: आठवले
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जम्मू, 27 फरवरी केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का केंद्र का फैसला ‘‘अच्छा’’ साबित हुआ है क्योंकि इससे जम्मू कश्मीर में विकास को बल मिला है और आतंकवाद ‘‘समाप्त’’ हुआ है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक समय था जब पर्यटक जम्मू कश्मीर का दौरा करने से डरते थे, लेकिन अनुच्छेद 370 के हटने के बाद यह स्थिति बदल गई है।
पांच अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था, जो पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता था। सरकार ने जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
आठवले ने कहा, ‘‘(प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और अनुच्छेद 370 को हटाना एक बहुत बड़ा कदम था, जिसने जम्मू कश्मीर में विकास को मजबूती प्रदान की, आतंकवाद का खात्मा किया और रोजगार के अवसर पैदा किए, साथ ही शांति स्थापित की और तिरंगा फहराए जाने का मार्ग प्रशस्त किया।’’
उन्होंने कहा कि पहले लोग जम्मू कश्मीर का दौरा करने से डरते थे, लेकिन अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद स्थिति बदल गई और पिछले साल 25 लाख से अधिक पर्यटकों ने केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया।
आठवले ने कहा, ‘‘पर्यटन में वृद्धि का मतलब क्षेत्र के लिए अधिक विकास है। अनुच्छेद 370 को निरस्त करना बहुत अच्छा निर्णय था। अब लोग चाहते हैं कि हम जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा प्रदान करें। जब (गृह मंत्री) अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा की थी, तो उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि उचित समय पर जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। जम्मू कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा मिलेगा और लोगों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।’’
मंत्री ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में जम्मू कश्मीर में अधिक मतदान की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन सत्ता में आया, लेकिन इससे हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि हम लोगों के साथ हैं और क्षेत्र का विकास चाहते हैं।’’
पुणे के व्यस्त स्वारगेट बस अड्डे में बस में 26 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार की घटना के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि ऐसी घटनाएं निंदनीय और दिल दहला देने वाली हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि ऐसी घटनाओं के दोषियों को फांसी दी जाए।’’
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को जांच में तेजी लाने और दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का पहले ही निर्देश दे दिया है।
आठवले ने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं का मुकाबला करने के लिए समाज को आगे आने की जरूरत है जो बढ़ती जा रही हैं। ऐसी घटनाओं के दोषियों का बहिष्कार किया जाना चाहिए क्योंकि हम तीन से चार साल के बच्चों पर भी अत्याचार होते देख रहे हैं। माता-पिता और परिवारों की ज़िम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले।’’
तमिलनाडु में हिंदी ‘‘थोपने’’ के विरोध पर आठवले ने कहा कि दक्षिणी राज्य में हिंदी का विरोध नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हिंदी...लगभग 90 से 100 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है जबकि राज्य स्तर की एं कुछ खास क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। इसलिए हिंदी को कहीं भी लागू करने में कोई बुराई नहीं है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2025 07:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

