कोलकाता, 30 अगस्त कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया है कि वह ‘लीप्स एंड बाउन्ड्ज़ प्राइवेट लिमिटिड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से संबंधित अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट दायर करे।
ईडी ने आरोप लगाया है कि कंपनी का इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया है और वह कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी सुजय कृष्ण भद्रा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने ईडी को निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर कंपनी के सीईओ से संबंधित जांच पर प्रगति रिपोर्ट पेश करे।
एक याची की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत में दलील दी कि केंद्रीय एजेंसी ने हाल में प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी “एम/एस लीप्स एंड बाउन्ड्ज़ प्राइवेट लिमिटिड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और अप्रैल 2012 से जनवरी 2014 तक कंपनी के एक निदेशक भी रहे थे।”
न्यायमूर्ति सिन्हा ने रेखांकित किया कि ईडी की ओर से अदालत में मंगलवार को दाखिल की गई रिपोर्ट कहती है कि भद्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन इसमें सीईओ के खिलाफ जांच के संबंध में कुछ नहीं कहा गया है।
नगर निकायों और स्कूलों में भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिकाओं के संबंध में मामले को 14 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
भद्रा को कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में जून में गिरफ्तार किया गया था।
जब उच्च न्यायालय ने पूछा कि ईडी ने मामले की जांच के लिए क्या कदम उठाए हैं, तो उसके वकील सम्राट गोस्वामी ने कहा कि एक मामला इस अदालत की समन्वय पीठ के समक्ष लंबित है, जहां सांसद ने ईडी के एक समन को चुनौती दी है।
उन्होंने कहा कि उस पीठ के समक्ष आवेदन पर फैसला अगले सप्ताह आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की मौखिक व्यवस्था की गई थी।
गोस्वामी ने कहा कि मामले में जांच जारी है। न्यायमूर्ति सिन्हा ने ईडी के अलावा स्कूल नौकरियों में कथित घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अपेक्षित योग्यता के बिना कथित तौर पर नियुक्त किए गए उम्मीदवारों की एक सूची पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को भेजे, जो इसे सत्यापित करेगा और उसके बाद जरूरी कदम उठाएगा।
सीबीआई के वकील ने कहा कि घोटाले के संबंध में 126 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और अन्य वस्तुएं बरामद की गई हैं।
अदालत ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती और नगर निकायों में भर्ती घोटालों में कथित रूप से कमोबेश एक ही तरह के लोग शामिल हैं और अपराध से प्राप्त कथित आय भी आपस में मिलीजुली है, इसलिए दोनों मामलों की जांच अधिकारियों की एक ही टीम को करनी चाहिए।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने यह भी निर्देश दिया कि कोलकाता में सीबीआई (एसीबी) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील सिंह रावत को प्राथमिक विद्यालय भर्तियों में अनियमितताओं की जांच करने वाली एसआईटी में शामिल किया जाए।
अदालत ने कहा कि यही सीबीआई टीम नगर निकाय में भर्ती में कथित घोटाले की भी जांच करेगी।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि जांच अदालत की निगरानी में होगी और अधिकारियों को निर्देश दिए जाने पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। सीबीआई ने अदालत के समक्ष प्रगति रिपोर्ट भी दाखिल की है।
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