कोलकाता, 23 दिसंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में भर्ती में अनियमितताओं के लिए 53 प्राथमिक शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया।
वे उन 269 लोगों में शामिल हैं जिनकी सेवा अदालत ने पहले के एक आदेश में समाप्त कर दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि इन 269 व्यक्तियों को उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई का अवसर दिया जाए।
इस आदेश के अनुसार, 54 प्राथमिक शिक्षकों ने न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की अदालत का रुख किया और हलफनामा प्रस्तुत किया था। न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश दिया था।
उनकी दलीलों पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने शुक्रवार को इनमें से 53 प्राथमिक शिक्षकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया।
वर्ष 2014 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने के बावजूद नौकरी से वंचित किए जाने का दावा करने वाले उम्मीदवारों की याचिका पर पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षकों की नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया था।
उन्होंने 269 प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने का भी आदेश दिया था जिन्हें टीईटी के परिणामों में अंकों और रैंक में हेरफेर के जरिए नौकरी मिली थी।
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