महाकुंभ नगर, 22 जनवरी प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज, वाराणसी और आगरा के नगर निगमों के लिए बांड जारी करने के साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन के प्रावधान को मंजूरी दे दी।
जब कोई नगर निगम विकास कार्यों के लिए बांड जारी करता है तो वह अनिवार्य रूप से विभिन्न बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए निवेशकों से धन जुटाता है। नगर निगम बांड जारी करके पारंपरिक वित्तपोषण स्रोतों की तुलना में ज्यादा पूंजी प्राप्त कर सकती हैं और इसका इस्तेमाल दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कर सकती हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ''इन नगर निगम बांड के जरिये बाजार से धन जुटाया जाएगा। इसमें प्रत्येक 100 करोड़ रुपये के लिए 13 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। भारत सरकार प्रोत्साहन राशि को ‘एस्क्रो’ खाते में जमा करेगी।''
इसके अलावा आगरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए 50-50 करोड़ रुपये तक के ‘म्युनिसिपल बांड’ जारी किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य इन प्रमुख शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले लखनऊ और गाजियाबाद के नगर निगमों द्वारा ऐसा किया जा चुका है।
सरकार ने आगरा में एक नई आवासीय परियोजना को अलग से मंजूरी दी है। इसके अलावा आगरा विकास प्राधिकरण के 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड और भूमि पार्सल योजना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
मंत्रिमण्डल ने आगरा में 442.4412 हेक्टेयर भूमि के लिए 2010 के सर्किल रेट और वर्तमान सर्किल रेट के बीच के अंतर को कवर करने के लिए 204.34 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा रहनकला और रायपुर गांवों के औद्योगिक विकास क्षेत्रों को अलग करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआईडीए) द्वारा अधिसूचना में संशोधन के प्रस्ताव पर सहमति बनी है।
बयान में कहा गया है, ''इस संशोधन से आगरा विकास प्राधिकरण को आवासीय योजना के लिए भूमि बैंक बनाने में मदद मिलेगी, जिससे क्षेत्र का नियोजित विकास सुनिश्चित होगा।''
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